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जानिए, हॉकी इंडिया के प्लेयर अवॉर्ड के लिए कौन से आदिवासी खिलाड़ी है नामित

Posted on March 16, 2023 - 1:34 pm by

हॉकी इंडिया ने वार्षिक पुरस्कारों के लिए नामांकन सूची जारी कर दी है. ये पुरस्कार 17 मार्च को दिल्ली में दिए जायेंगे. कुल पुरस्कार राशि 1.35 करोड़ रूपये की है. नामांकन सूची में कुल आठ श्रेणियों में 2022 कैलेंडर वर्ष में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 33 खिलाड़ी शामिल है.

इस नामांकन सूची में ओड़िशा की दीप ग्रेस एक्का का नॉमिनेशन हॉकी इंडिया प्रगत सिंह अवॉर्ड फॉर डिफेंडर ऑफ द इयर के लिए हुआ है. इसमें 5 लाख रूपये और ट्रॉफी दिए जाते हैं.

वहीं इस नामांकन सूची में झारखंड की दो महिला खिलाड़ी संगीता कुमारी और सलीमा टेटे का नाम शामिल है. इनका नॉमिनेशन हॉकी इंडिया असुंता लकड़ा अवॉर्ड फॉर अपकंमिंग प्लेयर ऑफ द इयर के लिए किया गया है. यह पुरस्कार अंडर-21 महिला खिलाड़ी को दिया जाता है. इसमें विजेता को 10 लाख रूपये नकद के साथ-साथ ट्रॉफी प्रदान की जाती है.

जानिए, खिलाड़ियों के बारें में

दीप ग्रेस एक्का –  दीप ग्रेस एक्का का जन्म 3 जून 1994 को उड़िसा के सुंदरगढ़ जिले के सुदूर छोटे से गांव लुलकिड़ी में हुआ था. उसके पिता का नाम चार्लस एक्का तथा माता का नाम जयामनी एक्का है, दोनों गांव में किसानी का कार्य करते है.

दीप एक्का ने हॉकी खेलने की शुरूआत (2005-06) में स्कूल से ही कर दी थी, उसके कोच तेज कुमार खेस थे, सितंबर 2007 में स्पोर्टस ऑथोरिटी ऑफ इंडिया  के SAI-SAG सेंटर के लिए चुनी गई थी. सोनीपत में 16 सोल की उम्र में सिनियर लेवल हॉकी खेल चुकी है. वर्ष 2011 मे दीप ग्रेस ने रांची में हुए राष्ट्रीय खेल में खेल चुकी है. इसके अलावा जुनियर राष्ट्रीय कैंप के लिए चुनी गई और बैंकॉक में जुनियर एशिया कप में खेलने का मौका मिला. दीप ने डिफेंडर के तौर पर खेलना शुरू किया था और उसकी इच्छा थी कि गोलकिपर की तरह खेले किंतु उसके कोच डिफेंडर की तरह ट्रेड किया.

संगीता कुमारी – संगीता कुमारी जिले के केरसई प्रखंड अंतर्गत करंगागुड़ी नवाटोली गांव की रहने वाली है. उसके माता-पिता लखमनी देवी एवं रंजीत मांझी आज भी सीमित क्षेत्र में खेती कर परिवार का किसी तरह गुजर-बसर करते हैं. संगीता गांव के मैदान एवं स्कूल से हाकी सीखकर इस मुकाम तक पहुंची है.

वर्ष 2016 अक्टूबर में जूनियर इंडिया टीम में संगीता का पदार्पण सलीमा टेटे(ओलिंपियन) के साथ ही हुआ था. वहीं उसी वर्ष दिसंबर में अंडर 18 एशिया कप के लिए संगीता का चयन हुआ. जिसमें भारतीय टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था. उस प्रतियोगिता में भारत के नाम 14 गोल थे. जिसमें संगीता ने हैट्रिक लगाते हुए 8 गोल की थी.

साल 2018 में यूथ ओलिंपिक के ठीक पहले संगीता के पैर में सर्जरी हुआ. इसके बाद यह दौर संगीता के लिए काफी कठिन रहा. इसके बाद उसने खेलो इंडिया प्रतियोगिता में झारखंड टीम मे पुनर्वापसी करते हुए अपनी टीम को उपविजेता बनाई. वर्ष 2021 में चिल्ली दौरे के क्रम में जूनियर इंडिया टीम का प्रतिनिधित्व किया और 4 गोल अपने नाम की.

सलीमा टेटे – सलिमा टेटे का जन्म 27 दिसंबर 2001 को झारखंड के सिमडेगा के बड़कीचापर गांव हुआ. उसके पिता का नाम सुलक्षण टेटे तथा माता का नाम सुबानी टेटे है. सलिमा ने अपने करियर की शुरूआत उबड़खाबड़ मैदानों में स्वयं द्वारा बनाए बांस के हॉकी स्टिक व बॉल से खेलना शुरू किया था. पहली बार लठ्ठाखम्हन में आयोजित होने वाले प्रतियोगिता में सलिमा को नोटिस किया गया था. जहां उसे बेस्ट प्लेयर का अवार्ड भी मिला था.

इसी दौरान हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी ने सलिमा को खेलते देख, सिमडेगा आवासीय सेंटर में ट्रायल के लिए बुलाया और 2013 में चुना गया था. SGFI राष्ट्रीय विद्यालय हॉकी प्रतियोगिता के लिए झारखंड टीम में चुनी गई थी. 2016 में सलिमा का चयन जुनियर भारतीय महिला हॉकी टीम में हुआ. 2018 में युथ ओलंपिक में सलिमा कप्तान बनाया और टीम ने रजत पदक जीता. 2019 में उनका चयन सीनियर भारतीय महिला टीम के लिए हुआ। 2021 में टोकियों ओलंपिक के लिए चुनी गई.

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