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छत्तीसगढ़: जानिए क्यों राज्योत्सव में शामिल नहीं हुए बस्तर के आदिवासी नर्तक दल

Posted on November 2, 2022 - 4:54 pm by
  • आरक्षण महत्वपूर्ण है न कि नाचना गाना
  • सरकार के हर कार्यक्रम का होगा विरोध

छत्तीसगढ़ में आदिवासी आरक्षण में कटौती को लेकर दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों में आरोप प्रत्यारोप चल रहा है. वहीं बस्तर में अब आरक्षण के मुद्दे पर सर्व आदिवासी समाज ने भी हमलावर रुख अपनाते हुए राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. सर्व आदिवासी समाज ने पहले ही राज्योत्सव कार्यक्रमों का बहिष्कार करने की घोषणा किया था. वहीं 1 नंवबर को राज्योत्सव के मौके पर बस्तर संभाग के सभी 7 जिलों में आयोजित हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कहीं भी आदिवासी नर्तक दल शामिल नहीं होकर अपना विरोध जताया.

सरकार के हर कार्यक्रमों का करेंगे विरोध

सर्व आदिवासी समाज के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजाराम तोड़ेम ने भूपेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने हाई कोर्ट में आरक्षण को लेकर पैरवी ठीक से नहीं की. जिसके चलते आदिवासी समाज के आरक्षण में 12 फीसदी की कटौती हो गयी. उन्होंने कहा कि आदिवासियों के लिए आरक्षण महत्वपूर्ण है, ना कि नाच गाना. राजाराम तोड़ेम ने आरक्षण को लेकर कांग्रेस के नेताओं पर निशाना भी साधा.

उन्होंने कहा कि आदिवासी होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी से संभाग के 11 विधानसभा सीटों के विधायक कांग्रेस सरकार के ताल पर नाच गा रहे हैं. जबकि उन्हें आरक्षण के मुद्दे पर आदिवासी समाज के लोगों का साथ देना चाहिए.

राज्य सरकार से स्पष्ट बयान देने की मांग की

राज्योत्सव के मौके पर सभी आदिवासी विधायकों ने जोश खरोश से राज्योत्सव मनाया लेकिन आरक्षण के मुद्दे को लेकर अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया. जिसके चलते आदिवासी समाज में प्रसिद्ध अलग-अलग नर्तक दलों ने राज्योत्सव में हिस्सा नहीं लिया. जब तक आरक्षण पर राज्य सरकार अपना बयान स्पष्ट नहीं कर देती.  तब तक आदिवासी समाज राज्य सरकार के कार्यक्रमों का विरोध करता रहेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार के किसी भी कार्यक्रम में बस्तर के आदिवासियों का नर्तक दल शामिल नहीं होगा.

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