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झारखंड: आदिवासी बच्चे को घर में बंधुआ मजदूर बनाया, गर्म लोहे से दागा और दांत तोड़ा

Posted on November 3, 2022 - 1:07 pm by

झारखंड की रांची राजधानी के अरगोड़ा इलाके में एक और अमानवीय क्रूरता का मामला सामने आया है. यहां की रहने वाली भारती कुमार ने 11 साल के आदिवासी बच्चे को अपने घोर प्रताड़ना का शिकार बनाती थी. आदिवासी बच्चा बंधुआ मजदूरी के रूप में काम करता था. उससे घर के सारे काम कराती थी और थोड़ी सी गलती पर हैवानियत का रूप दिखाती थी. मासूम बच्चे के शरीर को लोहे के गर्म रॉड से जलाने,  गर्म पानी डालने,  चाकू तथा आदि हथियारों से हमला करने और पीटने जैसे क्रूर हरकतें करती थी.

पढ़ाने के नाम बनाया बंधुआ मजदूर

पीड़ित बच्चे ने अपनी आपबीती सीडबल्यूसी के अधिकारियों के समक्ष रखा है. उसने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए कहा कि परिजनों ने उसे पढ़ाने के नाम से भारती को सौंपा था. तब वह केवल सात साल का था. उसके बाद उसे घर में चार-पांच सालों तक बंद करके रखा जाता था. जिस दौरान उसे बहुत प्रताड़ित किया जाता था. उसे अक्सर बात-बात पर पीटा जाता था और पेटभर खाना तक नहीं दिया जाता था. इतना ही नहीं, उसे करंट लगाने का भी कोशिश किया गया था.

खेलने की उम्र में पीड़ा में बीते पांच साल

खेलने-कूदने और पढ़ाई करने की उम्र में उस बच्चे ने अपने बचपन के पांच साल पीड़ा और भय के अंधकार में बिता दिए. उसके मन में हरपल प्रताड़ित किए जाने का डर मण्डराता रहता था. एक बार तो उसे चाभी के गुच्छे से भी मारा गया था.  जिससे उसका दांत टूट गया. हर दिन उसके साथ कैसा बरताव किया जाएगा,  यह सोच के वह अंदर से कांप जाता था. उसे घर में आए किसी भी मेहमान से मिलने नहीं दिया जाता था. सर्दी,  गर्मी,  बरसात हर मौसम में छत पर एक शॉल लेकर सोने दिया जाता था.

बच्चे की पीठ पर लोहे के गर्म रॉड से दागने के निशान

शरीर में 100 से ज्यादा चोट के निशान मिले

काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने बताया कि पिछले महीने वह प्रताड़ना से तंग आकर घर से भाग गया था. जिसके बाद उसे स्थानीय लोग व पुलिस की सहायता से आशा ओपन शेल्टर होम में रखा गया. बच्चे के शरीर पर 100  से अधिक चोट के निशान पाए गए.  जो हैवानियत के गंदे रूप का सबूत है.  काउंसलिंग के बाद सीडबल्यूसी ने मामले की जानकारी एसएसपी को दी है. इसके साथ ही भारती पर कार्रवाही कर रिपोर्ट को सौंपने के लिए कहा गया है. अड़गोड़ा थाना प्रभारी ने विनोद कुमार ने बताया कि पीड़ित बच्चा भटकते हुए उसे मिला था.  बच्चे को चाइल्ड लाइन को सौंपा गया है. रिपोर्ट के मिलने के बाद जांच कर आगे की कार्रवाही की जाएगी.

रांची में पहले भी हुई है हैवानियत

इससे पहले इस तरह की घटना रांची में देखने को मिली थी. जिसमें एक पूर्व आईएएस अधिकारी की पत्नी सीमा पात्रा ने क्रूरता की हदे पार की थी. जिसमें सीमा पात्रा ने घर में काम करने वाली के साथ क्रूरता की हदे पार की थी. महिला ने उसके खिलाफ अरगोड़ा थाने में अगस्त 2022 को प्राथमिकी दर्ज करायी थी. 29  साल की पीड़िता का आरोप था कि उसे भरपेट खाना नहीं दिया जाता था. लोहे के रॉड से पीटा जाता था और गर्म तवे से जलाया था. सीमा पात्रा तीन माह से रांची स्थित होटवार जेल में बंद है.

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