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मध्य प्रदेश: शिवराज पर BJP-RSS जुड़े लोगों को कोऑर्डिनेटर बहाल करने का आरोप, दिग्विजय सिंह भी कूदे

Posted on March 15, 2023 - 3:07 pm by

मध्य प्रदेश में ‘पेसा कानून’ को लेकर मामला गर्म हो गया है. पेसा कोऑर्डिनेटर की नियुक्ति पर सीएम शिवराज सिंह चौहान को आदिवासी संगठन जयस(जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन) ने घेरा है. जयस का आरोप है कि सरकार ने आरएसएस और बीजेपी से जुड़े लोगों को कोऑर्डिनेटर बनाकर आदिवासियों के साथ छल किया है.

मामले में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह भी कूद गए हैं. उन्होंने कई ट्वीट कर शिवराज सरकार पर हमला बोला है.

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि  मध्यप्रदेश पहला राज्य था जिसने 1996 में अनुसूचित क्षेत्र की सभी पंचायत सभी जनपद (ब्लॉक) पंचायत व सभी ज़िला पंचायतों को आदिवासियों के लिए आरिक्षित की गईं और चुनाव करवाए. बीजेपी ने विरोध किया था.

2023 का चुनाव निकट आया तो PESA याद आया. PESA क़ानून लागू करने के लिए आदिवासी युवकों को कॉर्डिनेटर नियुक्त करने की योजना बनाई. लेकिन भर्ती में योग्य आदिवासी युवक युवतियों को नियुक्त करने के बजाय नियमों के विरूद्ध अपने चहेते राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भर्ती करने का षड्यंत्र किया. लेकिन सचेत आदिवासी युवकों ने इनका षड्यंत्र उजागर कर दिया.

हमारी मॉंग है तत्काल #PESA क़ानून लागू करने के लिए पारदर्शी तरीक़े से योग्य आदिवासी युवक युवतियों की नियुक्ति की जाए जो ईमानदारी से PESA क़ानून आदिवासियों के हित में लागू करने में भरपूर ईमानदारी से प्रयास करें.

क्या है गड़बड़ झाला

पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग को 89 ब्लॉक्स में समन्वयक भर्ती करने थे. पेसा कानून इन्हीं ब्लॉक्स में लागू हुआ है. सेडमैप से पदों मे भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया. जब 890 अभियर्थियों की सूची बन गई तो साक्षात्कार से एक दिन पहले पूरी प्रक्रिया ही निरस्त कर दी गई. एमपीकॉन को 20 जिलों में जिला समन्वयक और 89 ब्लॉक समन्वयक भर्ती करने को कहा गया.

लोगों को सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों को ब्लॉक और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर का प्रशिक्षण देने की बात सामने आयी.

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