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मध्यप्रदेश:आदिवासियों को 200 करोड़ का बोनस बांटेगी सरकार

Posted on January 7, 2023 - 5:10 pm by

मिशन 2023 के तहत सरकार सभी वर्गों को साधने में जुटी हुई है. सरकार का सबसे अधिक फोकस अनुसूचित जनजाति यानी आदिवासी वर्ग पर है. इस वर्ग को साधने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में अब इस वर्ग को 200 करोड़ रूपए का बोनस और 15 लाख आदिवासी परिवारों को जूता-चप्पल साड़ी छाता वितरण करने जा रहा है. मप्र में हमेशा से ही एससी-एसटी दोनों ही समुदाय सत्ता हासिल करने का रास्ता माने जाते रहे हैं क्योंकि इन दोनों वर्गों के लिए प्रदेश की 36 फीसदी यानी 82 विधानसभा सीटें आरक्षित हैं जिनमें से 35 सीट अनुसूचित जाति और 47 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं.

2018 के चुनाव में अनुसूचित जनजाति की 47 सीटों में से 31 सीटें कांग्रेस ने जीती थीं वहीं दूसरी ओर भाजपा को 16 सीट मिली थीं. जबकि 35 अनुसूचित जाति वर्ग की 17 सीटों पर कांग्रेस और 18 सीटों पर भाजपा को जीत मिली थी. अब प्रदेश की 23 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति का साधने के लिए लघु वनोपज संघ 200 करोड़ रूपया बोनस वितरण और 15 लाख आदिवासी परिवारों को जूता-चप्पल साड़ी छाता वितरण करने जा रहा है.

तेंदूपत्ता संग्रहण का भी मिलेगा अधिकार

आदिवासी वर्ग को साधने के लिए भाजपा ने उन्हें तेंदूपत्ता संग्रहण का अधिकार देने को निर्णय लिया है. संघ 260 ग्राम सभाओं में तेंदूपत्ता संग्रहण का अधिकार आदिवासियों को सौंपने जा रहा है. यह प्रयोगिक तौर पर लागू किया जा रहा है. यह प्रयोग सफल होने पर 5080 आदिवासी बाहुल्य ग्राम सभाओं को तेंदूपत्ता संग्रहण का अधिकार दे दिया जाएगा.

पेसा कानून

शिवराज चौहान पेसा कानून को लागू करके आदिवासी ग्राम सभाओं को अधिकार देने की बात कही जाती रही है. हर मंच सभा में यह बात दोहराते हुए दिखते हैं.

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