Skip to main content

महाराष्ट्र: इस आदिवासी क्षेत्र में बाल-विवाह हुआ, तो भुगतना पड़ेगा बहिष्कार

Posted on March 27, 2023 - 4:15 pm by

देशभर में बाल-विवाह को लेकर काफी जागरूकता आ चुकी है, लेकिन अब भी कई क्षेत्र है, जहां बाल विवाह धड़ल्ले से हो रहा है. हालांकि पुलिस प्रशासन और जागरूकता अभियानों के पहल के कारण पिछड़े क्षेत्रों में भी बाल विवाह के खिलाफ माहौल बन रहा है. इसी तरह का एक मामला महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल क्षेत्र पालघर मे देखने को मिल रहा है, जहां बाल विवाह करने वाले परिवारों को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है. यह पुलिस के पहल का नतीजा है.

दरअसल पालघर पुलिस ने जन संवाद अभियान की शुरुआत की है, जिसमें लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक किया जा रहा है. उन्हें बाल-विवाह से होने वाले नुकसान के बारें में बताया जा रहा है. वादा और विक्रमगढ़ तालुका के कई गांवों में लोगों ने बाल विवाह करने वाले परिवारों का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला किया है. बताया जा रहा है कि पालघर जिले के पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल ने खुद गांव वालों के साथ कई बैठकें की है.

पुलिस की बैठकों के दौरान लोगों को खासकर महिलाओं को कई जानकारियां दी गई. जिसमें बताया गया कि बाल विवाह की वजह से कम उम्र में लड़कियों के मां बनने, समय से पहले बच्चों के जन्म और बच्चों के जन्म के समय होने वाली परेशानियां क्या हो सकती है.

इससे पहले विक्रमगढ़ तालुका के खुदेद और विजय नगर गांव में भी लोगों ने 18 साल से कम उम्र की लड़कियों की शादी ना करने का प्रण लिया था. अब पुलिस जिले के अन्य गांवों में भी अपनी इस पहल के जरिए लोगों को जागरुक करने में जुटी है.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.