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राजस्थान: मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाएं पीएम- अशोक गहलोत

Posted on October 27, 2022 - 1:59 pm by

मानगढ़ धाम के दौरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आदिवासी शहादतों को श्रद्धांजलि देंगे. मंगलवार 25 अक्टूबर को पीएम मोदी ने राजस्थान और गुजरात के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉनफ्रेंसिंग की थी. जिसमें उन्होंने 1 नवम्बर को मानगढ़ धाम की यात्रा करने का निर्णय लिया है.


राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग सालों से चलती आ रही है. पीएम मोदी ने गुजरात के तत्कालिन सीएम होने के दौरान मानगढ़ के इतिहास में उल्लेख नहीं होने को लेकर दुख जताया था. इसी के कारण पीएम मोदी के मानगढ़ दौरे से इस मांग को स्वीकृत मिलने की बात कही जा रही है.


राजस्थान के मुख्यमंत्री ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग की
सीएम अशोक गहलोत ने मंगलवार को ट्वीट कर बताया कि राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार को आश्वस्त किया गया है कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा.
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि मानगढ़ धाम का भारत की आजादी की लड़ाई में ऐतिहासिक महत्व है. श्री गोविन्द गुरू के नेतृत्व में हमारे आदिवासी भाई-बहनों का आजादी की लड़ाई में बड़ा योगदान है व अनेकों आदिवासियों ने बलिदान दिया है. मैंने लगातार प्रधानमंत्री जी से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग की है.
उन्होने आगे कहा कि एक नवंबर को प्रधानमंत्री जी बांसवाड़ा स्थित मानगढ़ धाम के दौरे पर आ रहे हैं. मैं प्रधानमंत्री जी से पुन: निवेदन करना चाहूंगा कि मानगढ़ धाम के ऐतेहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाए.


मानगढ़ धाम में हजारों आदिवासियों ने दी थी शहादत
दरअसल 1913 ई. में ब्रिटिश शासन के द्वारा मानगढ़ में सामूहिक नरसंहार किया गया था. संत गोविंद गुरू के नेतृत्व में ब्रिटिश के खिलाफ किए गए विरोध में हजारों आदिवासियों ने बलिदान दिया था. चूंकि मानगढ़ धाम आदिवासियों की शहीद स्थली है. इसलिए इसे राष्ट्रीय स्मारक बनाए जाने की मांग सालों से हो रही है.


पीएम मोदी के इस दौरे को राजनीतिक मामले के नजरिए से भी देखा जा रहा है. इसका कारण यह है कि गुजरात के चुनाव के बाद अगले साल राजस्थान और मध्यप्रदेश राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है. राजस्थान के साथ मानगढ़ क्षेत्र गुजरात और मध्यप्रदेश की सीमाएं भी जुड़ी हैं. इन तीनों राज्यों को मिलाकर कुल 99 आदिवासी आरक्षीत सीटें हैं और इस दौरे से आदिवासी वोट बैंक में बढ़ोत्तरी की आशंका है.

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