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मणिपुर: वन्यजीव अभ्यारण्यों द्वारा आदिवासियों की भूमि पर ‘अतिक्रमण’ को लेकर झड़प

Posted on March 11, 2023 - 4:49 pm by

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में उस समय हिंसक झड़पें हुईं, जब पुलिस ने उन स्थानीय लोगों को रोकने की कोशिश की, जिन्होंने आरक्षित वनों और वन्यजीव अभ्यारण्यों द्वारा आदिवासियों की भूमि पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए एक विरोध रैली का आयोजन किया था.

पुलिस ने कहा कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए शुक्रवार को कांगपोकपी शहर में थॉमस के पास बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और इंडिजिनियस लिडर्स ट्राइबल फोरम (ITLF) सहित विभिन्न निकायों द्वारा विरोध रैली बुलाई गई.

हालांकि, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की कोशिश की तो विवाद शुरू हो गया, जिसके बाद हिंसक झड़पें हुईं.

अधिकारियों ने बताया कि आंसूगैस के गोले दागे जाने से कम से कम पांच प्रदर्शनकारी घायल हो गए, जबकि कुछ पुलिस कर्मियों को भी पत्थर लगने से चोटें आईं. उन्होंने बताया कि बाद में स्थिति पर काबू पा लिया गया.

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारी संवैधानिक प्रावधानों को चुनौती दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे संवैधानिक प्रावधानों को चुनौती दे रहे थे. वहां के लोग अफीम की खेती और नशीली दवाओं के कारोबार के लिए आरक्षित वनों, संरक्षित वनों और वन्यजीव अभयारण्यों का अतिक्रमण कर रहे थे. यही कारण है कि रैली का आयोजन किया गया था.

प्रदर्शनकारियों ने बाद में कांगपोकपी के उपायुक्त केंगू ज़ुरिंगला के माध्यम से राज्यपाल अनुसुइया उइके को एक ज्ञापन सौंपा.

गुरुवार को कांगपोकपी और चुराचांदपुर जिलों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई.

इस बीच माराम यूनियन, माओ यूनियन और रोंगमेई नागा काउंसिल मणिपुर सहित नागा समुदाय के कई संगठनों ने कहा कि ITLF एक नवगठित निकाय है और यह राज्य के आदिवासियों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है.

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