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अरूणाचल प्रदेश में स्थित दोनी पोलो एयरपोर्ट क्यों है खास?

Posted on September 28, 2022 - 9:45 am by
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में निर्माणाधीन तीसरे एयरपोर्ट को अरुणाचल प्रदेश प्रशासन द्वारा "डोनी पोलो हवाई अड्डा" (Donyi Polo Airport) नाम दिया गया है। बताया जाता है कि यह एयरपोर्ट अरूणाचल प्रदेश की राजधानी इटानगर शहर में लंबे समय से चली आ रही रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करेगा और आदिवासी प्रभुत्व वाले राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनता के बीच सूर्य (डोनी) और चंद्रमा (पोलो) के लिए लंबे समय से चली आ रही आदिवासी सम्मान को भी प्रतिबिंबित करेगी। भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (Indian Airport Authority) ने पर्वतीय क्षेत्रों में हवाई संपर्क को बढ़ावा देने के लिए हवाई अड्डे के विकास के लिए 650 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की है।
पुर्वोत्तर भारत में हवाई संपर्क
ईटानगर में "डोनी पोलो हवाई अड्डा" पासीघाट और तेजू हवाई अड्डों और पूर्वोत्तर भारत के 16वें हवाई अड्डे के बाद अरुणाचल प्रदेश का तीसरा हवाई अड्डा होगा। अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पहले कहा था कि हवाई अड्डे पर काम युद्ध स्तर पर है और जल्द ही इसे चालू कर दिया जाएगा। वर्तमान में, पूर्वोत्तर क्षेत्र में 15 परिचालन हवाई अड्डे हैं - गुवाहाटी, सिलचर, डिब्रूगढ़, जोरहाट, तेजपुर, लीलाबाड़ी, और रूपसी (असम), तेजू और पासीघाट (अरुणाचल प्रदेश), अगरतला (त्रिपुरा), इंफाल (मणिपुर), शिलांग ( मेघालय), दीमापुर (नागालैंड), लेंगपुई (मिजोरम) और पाकयोंग (सिक्किम)।
क्या है दोनी पोली धर्म
दोनी पोलो पुर्वोत्तर भारत में असम, अरूणाचल के आदिवासियों के द्वारा माना जाने वाला धर्म है। जो आत्मवाद और Shamanism  पर आधारित है। दोनी पोलो का अर्थ है- दोनी का अर्थ सुर्य और पोलो का अर्थ है चंद्रमा है। अरूणाचल में निशी और अपातानी आदिवासियों में यह धर्म माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार सुर्य देवी है जिससे टूटकर ही सृष्टि का निर्माण हुआ है। 2011 के जनगणना के अनुसार इसके मानने वालों की संख्या 360,000 – 370,000 है।

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