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राष्ट्रपति से मिलने से ज़्यादा हवाई जहाज़ में सफ़र के लिए ज़्यादा उत्साहित

Posted on January 6, 2023 - 3:21 pm by

भुंजिया आदिवासी समुदाय  के भुजबल माझी और कुंजीबाई माझी इन दिनों चर्चा में है. दोनों ओडिशा के नोपाड़ा ज़िले सुनाबेड़ा अभयारण्य इलाक़े के रहने वाले हैं. इन दोनों को आजकल इस पूरे इलाक़े में वीआईपी की तरह देखा जा रहा है. ये लोग जल्दी ही राष्ट्रपति द्रोपदी मूर्मु, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाक़ात करेंगे. इन्हें निमंत्रण दे कर दिल्ली बुलाया गया है. यह आदिवासी जोड़ी 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस के लिए विशेष मेहमानों की सूची में शामिल हैं.

हवाई जहाज सफर के लिए उत्साहित

भुंजिया आदिवासी समुदाय के ये दोनों ही लोग दिल्ली में बुलाए जाने की ख़बर से काफ़ी खुश हैं. लेकिन राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जैसे बड़े नेताओं से मिलने से ज़्यादा वो इस बात से उत्साहित हैं कि वे 22 जनवरी को भुवनेश्वर से हवाई जहाज़ में बैठ कर दिल्ली जाएँगे. भुंजिया का शाब्दिक अर्थ धरती पर निर्भर रहने वाले बताया जाता है. इस समुदाय के चौखुटिया भूंजिया आदिवासी को विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति (PVTG) की श्रेणी में रखा गया है.

इसलिए खास है भुंजिया आदिवासियों की रसोई

चौखुटिया आदिवासियों के घर अभी भी कच्चे ही मिलते हैं. इन घरों पर छप्पर डाला जाता है. इन घरों में रसोई सबसे ज़्यादा ख़ास जगह होती है. इस समुदाय के लोगों के घरों में रसोई घर में रहने वाले हिस्से से थोड़ी दूरी पर बनाई जाती है.

रसोई में परिवार के सदस्यों के अलावा किसी का भी प्रवेश वर्जित होता है. यहाँ तक कि परिवार की विवाहित बेटी के भी रसोई में प्रवेश पर भी पाबंदी होती है. रसोई को लाल मिट्टी से लीपा जाता है.

औरतें साधारण किंतु ख़ास वेशभूषा में होती हैं

भूंजिया महिलाएँ कपड़े के नाम पर एक ही साड़ी शरीर पर पहनती हैं. साड़ी को ही कमल से बांध कर बंसल से निकाला जाता है और कंधे पर बांधते हैं. ये महिलाएँ कुछ ख़ास तरह के आभूषण पहनती हैं. जिसमें मालाएँ प्रमुख होती हैं.

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