Skip to main content

नागालैंड में पहली बार दो आदिवासी महिला विधायक, जानिए कौन है

Posted on March 2, 2023 - 4:52 pm by

नागालैंड राज्य बनने के बाद पहली बार विधानसभा चुनाव में दो आदिवासी महिला विधायक चुनी गई है. नागालैंड राज्य का गठन 1963 में हुआ था, इसके बाद 60 सालों में राज्य में 14वीं मुख्यमंत्री के चुनाव तक एक भी महिला विधायक चुनी जा चुकी थी. लेकिन यह परंपरा दो महिला विधायक के बनने के बाद से यह परंपरा टूट गई.

नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (NDPP) की हेकानी जखालू ने दिमापुर तृतीय से लोजपा(रामविलास) के एजेटो झिमोमी को 1536 वोट से हराया. 47 साल की हेकानी को 14,395 वोट मिले. वे 7 महीने पहले ही राजनीति में आई हैं. वर्ष 2018 में जखालू को नारी शक्ति पुरस्कार मिला था. जाखलू दो बच्चों की मां हैं और कानून की पृष्ठभूमि वाली सामाजिक उद्यमी हैं.

वहीं NDPP की ही सालहुटुआनो क्रूस पश्चिम अंगामी सीट से जीत गई हैं. उन्हें सिर्फ 41 वोट से जीत मिली है. सालहुटुआनो क्रूस को 6959 वोट मिले. वह NDPP के स्वर्गीय केविसेखो क्रूस की पत्नी हैं. वह दो दशकों से अधिक समय से नागरिक समाज संगठनों में सक्रिय रूप से शामिल रही हैं और उन्होंने अपनी जनजाति के महिला निकाय अंगामिमियापफु मेचु क्रोथो का नेतृत्व किया और जनजाति के पुरुष-प्रधान शीर्ष संगठन में भी सलाहकार बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्य किया.

किन महिलाओं को कहां से मिली थी उम्मीदवारी

नागालैंड चुनाव में चार महिलाओं ने चुनाव लड़ा था. जिसमें पश्चिमी अंगाम विधानसभा क्षेत्र से सालहुटुआनो क्रूस(NDPP), दिमापुर तृतीय विधानसभा क्षेत्र से हेकानी जखालू(NDPP), अतोइजू विधानसभा क्षेत्र से काहुली सेमा(BJP) और टेनिंग से रोजी थॉमसन(INC) चुनाव में उतरी थी.

क्या है चुनाव में महिला राजनीतिज्ञ का इतिहास

बता दें इससे पहले साल 1977 में एक महिला रानो एम. शाइजा ने पूर्व मुख्यमंत्री होकिशे सेमातो को हराकर लोकसभा की सदस्य बनी थीं. वर्ष 2022 में 45 साल बाद राज्य भारतीय जनता पार्टी की महिला विंग की अध्यक्ष एस फांगनोन कोन्याक सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए चुनी गईं. इसके अलावा भाजपा से वर्ष 2022 में एस. फांगनोन कोन्याक नागालैंड से राज्यसभा पहुंचने वाली पहली महिला थी.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.