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ओड़िशा: मदद के लिए कोई नहीं आया, खुद गड्ढ़ा खोदा और पति को दफनाया

Posted on October 18, 2022 - 12:42 pm by

ओडिशा के क्योंझर जिले के बदनई गांव का एक मामला सामने आया है. जिसमें एक आदिवासी महिला इतनी लाचार हो गई कि उसे अपने पति को अकेले ही दफनाना पड़ा. दरअसल ओड़िशा में एक आदिवासी महिला के पति का बीमारी की कारण से मौत हो गई थी. इसके बाद उसने गांववालों से पति के अंतिम संस्कार के लिए मदद मांगी लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की. महिला के पास पति के अंतिम संस्कार के लिए पैसे भी नहीं थे, उसने किसी से 1500 रुपए उधार लेकर पति का अंतिम संस्कार किया.

ईलाज के दौरान मौत, कोई नहीं है संतान

आदिवासी महिला पाति मुंडा क्योंझर जिले के बदनई गांव की रहने वाली है. वह अपने पति भांजा मुंडा के साथ गांव में रहती थी. इस दंपती की कोई संतान नहीं है. भांजा मुंडा अज्ञात बीमारी से पीड़ित थे. जिसके कारण हालत ज्यादा खराब होने के वजह से पाति ने भांजा मुंडा को चंपुआ अस्पताल ले गई. लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ. बाद में डॉक्टर ने उन्हें जिला मुख्यालय अस्पताल क्योंझर रेफर कर दिया. वहां पर इलाज के दौरान भांजा की मौत हो गई.

मदद के लिए कोई नहीं आया, खुद खोदा और दफनाया

पाति के अनुसार उसके पास भांजा को वापस गांव लाने के लिए भी पैसे नहीं थे. किसी से पैसे उधार लेकर वह अपने पति को किराए की वैन से गांव लेकर आई. पति के शव को गांव लाने के बाद उसने ग्रामीणों से अंतिम संस्कार करने में मदद करने का आग्रह किया. उसने घंटो तक लोगों का इंतजार किया, लेकिन उसके बार-बार मिन्नतें करने के बावजूद कोई नहीं आया. लाचार पाति भांजा के शव को खुद ही श्मशान ले गई. वहां उसने गड्ढा खोदा और पति को दफनाया.

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