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झारखंड सरकार आवारा कुत्तों की समस्या सुलझा नहीं पा रही है तो नागालैंड के लोगों को बुला लें, कुत्ते कम हो जायेंगे: बीजेपी एमएलए

Posted on March 1, 2023 - 4:46 pm by

झारखंड विधानसभा में भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने आदिवासी समुदायों के प्रति असंवेदनशीलता की हदें पार कर दी है. बुधवार को उन्होने आवारा कुत्तों की समस्या पर सदन में बोलते हुए कहा कि अगर सरकार आवारा कुत्तों की समस्या सुलझा नहीं पा रही है, तो नागालैंड के लोगों को बुला लें, समस्या कम हो जाएगी.

आवारा कुत्तों की वजह से मौत पर हो रही थी चर्चा

झारखंड के बगोदर विधायक विनोद कुमार सिंह ने विधानसभा सत्र के दौरान कहा कि आवारा कुत्तों की रोकथाम हो. उन्होंने बताया कि झारखंड में हर साल आवारा कुत्तों के काटने औसतन 50 व्यक्तियों की मौत होती है. यहां तक कि राजधानी रांची में भी तीन मौत होती है. जगन्नाथपुर क्षेत्र में गिरिडिह के एक व्यक्ति की मौत कुत्ते के काटने से हुई थी. इसके अलावा हाल ही में जमशेदपुर में मौत हुई. सरकार उन व्यक्तियों के लिए मुआवजा का प्रावधान करें, जिनकी मौत कुत्ते के काटने से हुई है.

इसी समस्या पर नागालैंड के आदिवासियों पर टिप्पणी करते हुए बोकारो विधायक बिरंची नारायण ने कहा कि अगर सरकार कुत्तों की समस्या नहीं सुलझा पा रही है, तो नागालैंड के लोगों को बुला लें, समस्या कम हो जाएगी.

पहले भी नस्लीय टिप्पणी का शिकार हुआ है पूर्वोत्तर

यह पहली बार नहीं है जब पूर्वोत्तर भारत के आदिवासियों पर नस्लीय टिप्पणी की गई हो. खान-पान को लेकर आदिवासियों को अकसर टारगेट किया जाता रहा है.

हाल ही में हरियाणा के सूरजकुंड मेले में नागालैंड से आयी युवती के साथ सांप, कुत्ते खाने को लेकर टिप्पणी की गई थी, जिसको लेकर युवती ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए कहा था कि हरियाणा के लोग आते हैं और पूछते हैं कि तुमलोग सांप खाते हो, कुत्ता खाते हो. इसको लेकर युवती गुस्से में वापस अपने घर जाने की बात कर रही थी. उन्होने आगे कहा कि ये लोग सोचते हैं कि हमलोग अभी भी जंगल में रह रहे हैं और सांप, कुत्ते खाकर जी रहे हैं.

पूर्वोत्तर भारत के खान-पान को लेकर मेघालय और नागालैंड के बीजेपी अध्यक्ष खुलकर कह चुके हैं कि हमलोग बीफ खाते हैं. जिसमें मेघालय भाजपा अध्यक्ष अर्नेस्ट मावरी ने कहा कि मेघालय में बीफ खाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है और वह स्वयं बीफ का सेवन करते हैं. इस पर नागालैंड के बीजेपी अध्यक्ष तेमजेन इमना अलोंग ने मीडिया में दिए एक बयान पर कहा कि बीजेपी वालों को गाय-भैंस या किसी और जानवर के साथ जोड़ने की कोई जरूरत नहीं है.

उन्होंने आगे कहा था कि नागालैंड में जो बीजेपी के लोग हैं वो ज्यादातर ईसाई समुदाय से आते हैं. हम भी ईसाई है. उसी तरह मेघालय में भी है. मगर एक चीज है, अगर कोई चीज आप नहीं खाते, तो ये मेरी एक कोशिश होनी चाहिए कि आपका दिल न दुखे.

तेमजेन इम्ना ने कहा कि हमें ऐसा करना चाहिए कि आपके धर्म का अनादर न हो. हम जो खाते हैं पीते हैं वो मेरा है, आप जो खाते-पीते हैं वो आपका है, बहुत सारे लोग हैं गांव के, जिन्हें ये नहीं मालूम कि पनीर क्या है, बहुत लोगों को ये नहीं पता कि कोफ्ता क्या होता है… तो किसी को भी किसी के खानपान से जोड़ना जरूरी नहीं है.

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