Skip to main content

ओडिशा: नाबालिग आदिवासी छात्रा गर्भवती मिली, जिला कल्याण अधिकारी से इस्तीफे की मांग

Posted on March 4, 2023 - 11:27 am by

बलांगीर जिला आदिवासी कल्याण संघ द्वारा 2 मार्च को बलांगीर के जिला कल्याण अधिकारी (DWO) के इस्तीफे की मांग की गई. अधिकारी जिले के आदिवासी स्कूल पर नजर रखने में उनकी विफलता के कारण उनके इस्तीफे की मांग की गई थी, क्योंकि एक आदिवासी छात्र पांच महीने की गर्भवती पाई गई थी.

क्या है पूरा मामला?

आदिवासी स्कूल के छात्रावास में रहने वाली नौवीं कक्षा की नाबालिग लड़की के गर्भवती होने की खबर है. इसके बाद बलांगीर जिला आदिवासी कल्याण संघ ने DWO आलेख बिस्वाल के इस्तीफे की मांग की. स्कूल के प्रधानाध्यापक द्वारा पुलिस से शिकायत किए जाने के बाद दुष्कर्म की खबर फैल गई.

नाबालिग युवती महज 14 वर्ष की थी और नौवीं की कक्षा में पढ़ती थी. वह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति विभाग द्वारा संचालित छात्रावास में रहती थी. वह अब पांच महीने की गर्भवती है और मामला तब सामने आया जब लड़की के घरवालों ने उसे गर्भपात की दवा दी और लड़की की हालत गंभीर हो गई.

TNIE की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में उसका इलाज चल रहा है और बलांगीर में बीबीएमसीएच (भीमा भोई मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद स्कूल के प्रधानाध्यापक ने घटना की सूचना सदर थाना पुलिस को दी. इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी की है.

किन मामलों में युवक गिरफ्तार

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, इसके बाद पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया. युवक पर पॉक्सो एक्ट लगाया गया और फिर मामले को अदालत में भेज दिया. अदालत द्वारा जमानत के उनके अनुरोध को खारिज करने के बाद उन्हें जेल में डाल दिया गया था. युवक ने लड़की के साथ अपने संबंध को स्वीकार करते हुए कहा कि चेन्नई जाने से पहले उसने इलाके में सिर्फ दस दिन बिताए थे और उसे पूरी घटना की जानकारी नहीं दी गई थी.

आदिवासी कल्याण संघ की एक टीम ने बलांगीर कलेक्टर चंचल राणा से मुलाकात की और DWO के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया. हालांकि यह उसकी जिम्मेदारी है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्कूल और छात्रावास का दौरा करे, उन्होंने दावा किया कि वह अपने कर्तव्यों को सही ढंग से नहीं निभा रहा था और कभी वहां नहीं गया था.

कलेक्टर चंचल राणा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मामला बेहद गंभीर है. हम बहुत सख्ती से निगरानी करेंगे. बच्चों की सुरक्षा लिए हम इस मुद्दे को उठा रहे हैं.

(फोटो का प्रयोग प्रतिकात्मक रुप में की गई है)

No Comments yet!

Your Email address will not be published.