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हर दो सप्ताह में एक आदिवासी भाषा की मौत हो जाती है : UNO

Posted on December 23, 2022 - 5:43 pm by

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2022 से 2032 तक आदिवासी भाषाओं को अन्तर्राष्ट्रीय दशक मनाने की घोषणा की थी. जिसमें संयुक्त राष्ट्र लम्बे समय से आदिवासी समुदायों के अधिकारों,  उनके पारम्परिक ज्ञान व भाषाओं के संरक्षण के लिये प्रयास कर रही है. जिन्हें विशेष संस्कृतियाँ व प्रथाएँ विरासत में मिली हैं. जिनका पर्यावरण से गहरा नाता है.

यूएन महासभा के 77वें सत्र के लिये अध्यक्ष कसाबा कोरोसी ने कहा, “आदिवासियों की भाषाओं को सहेज कर रखना ना केवल इन समुदायों के लिये अहम है,  बल्कि सारी मानवता के लिये भी आवश्यक है. लुप्त हो जाने वाली हर एक आदिवासी भाषा के साथ ही, उससे जुड़ा विचार, संस्कृति, परम्परा और ज्ञान भी खो जाता है.”

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