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हल चलाने की थी मनाही, अब ट्रैक्टर चलाएंगी संथाली आदिवासी महिलाएं

Posted on February 11, 2023 - 6:17 pm by

जिन हाथों को हल जोतने के लिए पाबंदी लगाई गई है, अब वही हाथ ट्रैक्टर चलाकर खेतों को जोतते दिखेंगे. दरअसल झारखंड में संथाल जनजाति समुदायों में यह मानना है कि महिलाएं हल-बैल का उपयोग कर खेत नहीं जोत सकती हैं. सामाजिक परंपरा के अनुसार महिलाओं को इस कार्य के लिए सख्त मनाही है, लेकिन बाकी सारे खेत के काम वो कर सकती हैं.


वहीं राज्य के दुमका जिले में भूमि संरक्षण विभाग ने 42 स्वयं सहायता समूहों के बीच मिनी ट्रैक्टर सहित खेती के कई सहायक उपकरणों का वितरण किया है. जिसमें महिलाओं को ट्रैक्टर प्रदान कराई गई है. इसपर एक महिला किसान विमला हांसदा ने अपनी खुशी जाहिर की है. वह खुश हैं कि ट्रैक्टर से खेत जोत कर अपनी आजीविका कमा सकती हैं. इसके लिए किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है क्योंकि ट्रैक्टर में हल नहीं होता, जिससे उनके समाज में उन्हें रोका जा सके.

संथाली महिला विमला हांसदा


वितरण कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि रहे झामुमो विधायक नलिन सोरेन ने बताया कि झारखंड सरकार ने महिलाओं को 80% अनुदान पर ट्रैक्टर उपलब्ध कराया है. इसके साथ ही उन्होंने संथाल समाज में महिलाओं को हल जोतने पर रोक के बारे में भी चर्चा किया. इनके अलावा कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष जॉयस बेसरा,जिप उपाध्यक्ष सुधीर मंडल,दुमका विधायक प्रतिनिधि विजय मल्लाह,जामा विधायक प्रतिनिधि कुणाल सिंह और जिला कृषि पदाधिकारी सह भूमि संरक्षण पदाधिकारी जेपी तिवारी मौजूद थे.

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