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राजस्थान: सावधान! आदिवासी बच्चों की हो रही खरीद-बिक्री

Posted on January 21, 2023 - 4:22 pm by

भारत में आज आदिवासी किसी गुलाम से कम नहीं है. कभी हमने इतिहास में पढ़ा था कि अफ्रिका के लोगों की गोरे खरीद बिक्री करते थे. लेकिन ऐसा अब भारत में भी हो रहा है. पहले भी राजस्थान से आदिवासी बेटियों को बेचने की खबर सामने आयी थी. लेकिन फिर एक मामला सामने आया है. जिसमें आदिवासी बच्चों की खरीद बिक्री की जा रही है. जैसे आदिवासी कोई इंसान नहीं हो, कोई सामान हो. ऐसे मामले झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी कई बार देखने को मिलता था. इस तरह का ताजा मामला राजस्थान का है.

महिला ने आदिवासी बच्चों को दिल्ली में बेचा

मामला राजस्थान में उदयपुर जिले के सवीना पुलिस थाने का है. जिसमें सवीना पुलिस ने एक आदिवासी के बच्चे को 70 हजार रुपये में ले जाकर दो लाख रुपये में दिल्ली बेचने वाली महिला को गिरफ्तार किया है. महिला ने स्वीकार किया कि वह पहले भी दिल्ली और हैदराबाद में 2 से 3 बच्चों को बेच चुकी है, जिसके एवज में उसे मोटा कमीशन मिलता है.

थानाध्यक्ष योगेंद्र व्यास ने बताया कि शुक्रवार को सूचना मिली थी कि सेक्टर-9 में एक महिला नवजात को गोद में लेकर घूम रही है. बच्ची जोर-जोर से रो रही है, लेकिन वह न तो बच्चे को चुप करा रही है और न ही खिला रही है. बस इधर उधर घूम रहे हैं. पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो महिला घबराकर जाने लगी. टीम ने महिला को पकड़कर पूछताछ की तो उसने अपना नाम राजकुमारी पत्नी प्रेम मीणा निवासी ओड़ा फला काली छती एकलिंगपुरा जवार माइंस बताया.

उन्होंने बताया कि बच्चा करीब 7 माह का है और गुरुवार की दोपहर 3 बजे रामलाल पुत्र भूरा खराडी निवासी उंदा वेला चेचलिया झाड़ोल व उसकी पत्नी पायल देवी से 70 हजार रुपये में खरीदा गया था. उसने दिल्ली निवासी मनोज से दो लाख रुपये में सौदा किया था और उसे बेचने ले जा रही थी. इस पर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया और बच्चे को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया. पुलिस ने महिला का मोबाइल चेक किया तो उसमें कई बच्चों के वीडियो और फोटो मिले. इस पर महिला का कहना था कि वह पहले भी दो-तीन बच्चों को बेचकर लाखों रुपए कमा चुकी है.

पाठकों से अनुरोध: जरूरी है कि लोग जागरुक रहें, सतर्क रहें. इस तरह की घटनाएं आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से अधिक मात्रा में अब देखने को मिल रही है.

(फोटो का प्रयोग मात्र प्रतिकात्मक है/caritas.eu)

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