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राजस्थान: जानिए क्या है? दलित आदिवासी के लिए शुरू हुई उद्यम प्रोत्साहन योजना

Posted on December 2, 2022 - 1:20 pm by

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की भागीदारी बढाने को लेकर डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना-2022 की शुरुआत की गई. इस योजना को सरकार की बजट घोषणा संख्या 182 के अनुसार राज्य के समग्र औद्योगिक विकास में शुरू की गई है.

उद्यमिता के लिए सहायता

दरअसल इस उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत दलित और आदिवासियों के प्रथम पीढ़ी के उद्यमों के स्थापना, विस्तार के लिए विभिन्न प्रकार के वित्तीय सहायता, अनुदान सहित अन्य सुविधाओं संबंधी प्रावधान किए गए है. इस योजना में उद्यमियों को ब्याज अनुदान के साथ अन्य जरूरी सुविधाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जाएगा.

जैसलमेर के जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र महाप्रबंधक संतोष कुमारी ने बताया कि योजनांतर्गत इन वर्गों के पात्र व्यक्तियों को नवीन उद्यम स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से योजनांतर्गत कम लागत पर ऋण सुविधा, सीजीटीएमएसई अंतर्गत गारंटी फीस, मार्जिन मनी अनुदान, ब्याज अनुदान सहित विभिन्न प्रकार की सुविधाओं का प्रावधान किया गया.

उन्होंने बताया कि ऋण सीमा व प्रावधान में उद्यम के प्रकार व अधिकतम ऋण सीमा में विनिर्माण क्षेत्र 10 करोड़, सेवा क्षेत्र में 5 करोड़ व व्यापार क्षेत्र में 1 करोड़ है. ऋण सुविधा व ब्याज अनुदान में नवीन, विस्तार, विविधीकरण, आधुनिकीकरण के लिए अधिकतम ऋण राशि व ब्याज अनुदान में 25 लाख रुपए तक 9 प्रतिशत, 25 लाख से 5 करोड़ रुपए तक 7 प्रतिशत तथा 5 करोड़ से 10 करोड़ रुपए तक 6 प्रतिशत है. मार्जिन मनी अनुदान के रुप में परियोजना लागत का 25 प्रतिशत अथवा 25 लाख रुपए जो भी कम हो, ऋण वितरण के उपरांत तीन से सात वर्ष तक उद्यम संचालित होने पर ऋणी के खाते में समायोजित होगा.

लाभ लेने के लिए क्या है योग्यता

संतोष ने बताया कि ऋण के लिए आवेदक राजस्थान का मूल निवासी एवं न्यूनतम 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो. इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह या इन समूहों का राज्य सरकार का किसी विभाग के अन्तर्गत दर्ज होना तथा एलपी फर्म एवं कम्पनी की स्थिति में उनका नियमानुसार पंजीकृत होना आवश्यक हैं. आवेदक किसी भी वित्तीय संस्थान या बैंक का दोषी नहीं होना चाहिए.

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