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राजस्थान: आदिवासी महिला के पास नहीं थे पैसे, शव ले जाने के लिए करती रही इंतजार

Posted on November 24, 2022 - 10:22 am by

इस महिला की यह तस्वीर देख कर अंदाजा लगा सकते है कि इस महिला पर सिस्टम की मार का ऐसा चाबुक चला. अपने पति का शव लेने के लिए महिला को 38 घंटो तक भूखे प्यासे इंतजार करना पड़ा. क्योंकि महिला के पास शव को अपने गाँव ले जाने के लिए पैसे नहीं थे.

शव लेने के किया 38 घंटे इंतजार

मामला राजस्थान के बारां जिले का है. जानकारी के अनुसार बारां जिले के सहरिया आदिवासी इलाके के निवासी बच्चू सिंह की जहरीली शराब पीने से तबियत खराब हो गई थी. इस दौरान उसे अचेत हालत में कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया.

दिन 21 नवंबर रात को बच्चू सिंह की मौत हो गई. अस्पताल ने बच्चू सिंह की मौत हो जाने के बाद इसकी सूचना अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को दी. पुलिस ने 36 घंटे बाद भी मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाया. शव अस्पताल की मोर्चरी में ही पड़ा रहा. पुलिस ने मृतक का शव उसकी पत्नी को घर ले जाने के लिए कहा, लेकिन महिला पैसे नहीं होने के कारण शव अपने घर नहीं ले जा पाई.

पुलिस प्रशासन से लगाती रही गुहार

महिला अपने मृतक पति का शव ले जाने के लिए पुलिसकर्मियों व अस्पताल प्रशासन के आगे गुहार लगाती रही.  लेकिन किसी ने भी इस आदिवासी महिला की गुहार नहीं सुनी. महिला को अपने पति का शव लेने के लिए अस्पताल में भूखे-प्यासे 38 घंटे तक इंतजार करना पड़ा. आखिरकार 38 घंटे के बाद कोटा शहर की एक सामाजिक संस्था ने हाथ आगे बढ़ाए और महिला को शव घर ले जाने के लिए राशि मुहैया करवाई. वहीं इस घटना के बारे में सामाजिक संगठन ने जिला पुलिस अधीक्षक को अवगत करवा दिया है.

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