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राजस्थान: आदिवासियों के धर्मांतरण को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने क्या कहा?

Posted on November 9, 2022 - 4:34 pm by

राजस्थान के विभिन्न जिलों में ईसाई धर्म का प्रचार करने वाले लोग पिछले कुछ महीनों से घूम रहे हैं. ये लोग आदिवासियों एवं दलितों का धर्म परिवर्तन करवा कर ईसाई बना रहे हैं. यह सिलसिला पैसों के लालच और ब्रेन वाश के जरिए बरकरार रखी जा रही है. इससे पता लगता है कि राजस्थान कितना असुरक्षित है. उक्त बातें राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कही.

दरअसल राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में पिछले तीन महीने में कई दलित लोगों एवं गरीब परिवारों का धर्म परिवर्तन करवाया गया है. जानकारी के अनुसार आदिवासी जिलों उदयपुर, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ के साथ ही जयपुर, सवाईमाधोपुर, अलवर, सिरोही और बारां जिलों में गरीब एवं दलितों का धर्म परिवर्तन करवाने का सिलसिला तेजी से जारी है. ये वो लोग हैं, जो खुद को मिशनरी मंडली बताते हैं. मूर्ति पूजा को खत्म करने को कहते हैं. साथ ही हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानने और व्रत नहीं करने को लेकर ग्रामीण इलाकों में उपदेश देते हैं. राज्य के विभिन्न जिलों में घूम-घूम कर प्रार्थना सभा करते हैं. कहीं एक कमरे में तो कहीं खुले मैदान में प्रार्थना सभा करते हैं. जिसमें देवी-देवताओं की मृर्तियां तोड़ने अथवा कुएं में फेंकने के लिए कहा जाता है.

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि राजस्थान कितना असुरक्षित है, इसका नमुना धर्मांतरण से पता चलता है. हिंदुओं को दबाव बनाकर ईसाई बनाया जा रहा है. लव जेहाद की घटनाएं हो रही है. आर्थिक रूप से कमजोर एवं दलितों को निशाना बनाया जा रहा है लेकिन अशोक गहलोत सरकार इस मामले में कुछ भी नहीं कर रही है. प्रदेश के आदिवासी जिले बांसवाड़ा में विश्व हिंदू परिषद के मंत्री सुरेश उपाध्याय ने बताया कि हिंदू हितचिंतक धर्म परितर्वन की घटनाओं को रोकने के लिए सक्रिय हुए हैं. सरकार अथवा कांग्रेस की तरफ से इस बारे में कोई भी नेता बोलने को तैयार नहीं है.

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पंजाब के अमृत संधु से जुड़े लोगों ने पिछले कुछ महीनों में सवाईमाधोपुर और जयपुर जिलों में लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया है. जयपुर जिले के वाटिका में स्थित शिव सागर गार्डन में 28 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन करवाने की योजना थी. लेकिन हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के विरोध के कारण ऐसा नहीं हो सका है.

कुछ लोगों ने अलवर में अक्टूबर माह में धर्म परिवर्तन किया था. जिसे लेकर स्वजनों द्वारा बनाए जा रहे दबाव से परेशान होकर एक दंपति ने पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम से शिकायत की थी. इसी तरह सिरोही और बारां में धर्म परिवर्तन की घटनाएं पिछले कुछ महीनों में हुई है.

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