Skip to main content

आदिवासी बच्ची के साथ दु’ ष्कर्म व ह’ त्या से देश भर में उबाल, जानिए क्या है पूरा मामला

Posted on April 6, 2023 - 3:52 pm by

राजस्थान में घटित भयावह दरिंदगी के मामले से आक्रोषित बड़ी संख्या में आदिवासी सड़कों पर रोष जताने उतर रहे हैं. आदिवासियों ने आरोपी को फांसी की सजा की मांग करते हुए 5 अप्रैल को कलेक्टोरेट का घेराव भी किया. दरअसल, उदयपुर जिले के मावली में एक 9 वर्ष की मासूम आदिवासी बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और निर्मम हत्या ने पूरे राजस्थान को हिला कर रख दिया है. बच्ची के गायब होने के चार दिन बाद उसके शव के टुकड़ों को क्षेत्र के ही एक खंडहर में पाया गया, जिसके बाद परिवार सहित पूरा इलाका सदमे में है. इस घिनौने व खौफनाक काम को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्की पीड़ित परिवार का पड़ोसी कमलेश राजपूत निकला, जिसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

बताया जाता है कि बच्ची 27 मार्च की शाम से लापता थी, जिसके बाद परिवार वालों ने अपने स्तर पर खोजबीन की. जब बच्ची की कोई खबर नहीं मिली तो मावली थाने में 29 मार्च को यह मामला दर्ज करवाया गया. वहीं 1 अप्रैल की शाम को ग्रामीणों ने पास के खंडहर से तेज़ बदबू को भांपा और तलाश की, जहां मासूम बच्ची के शव को टुकड़ों में पाया गया. इसकी सूचना पुलिस को फौरन दे दी गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. साथ ही डॉग स्क्वायड और एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया. पुलिस ने आवश्यक छानबीन कर मासूम के शव को महाराणा भूपाल चिकित्सालय में पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप कर दाह-संस्कार किया गया.

उदयपुर पुलिस ने बताया कि मासूम के शव को शत-विक्षत हालत में मिलने के 24 घंटे के अंदर उसी गांव में रहने वाले 20 वर्षीय आरोपी कमलेश राजपूत को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने मासूम के शव को छुपाने के आरोप में कमलेश के मां और बाप को भी हिरासत में लिया है. पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त कर चार्जशीट पेश कर मुलजिम को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलवाई जाएगी.

आरोपी से पूछताछ में पता चला की वह मोबाइल में गेम्स खेलने और अश्लील फिल्में देखने का एडिक्ट था. उसने मासूम बच्ची को प्रलोभन से घर बुलाकर हैवानियत के काम को अंजाम दिया. पकड़े जाने के डर से उसने बच्ची की हत्या कर दी. आरोपी के माता-पिता ने अपने बेटे को पुलिसिया कार्रवाई से बचाने के लिए बच्ची के शव को ठिकाने लगाने का सोचा. जिसके बाद शव के 10 टुकड़े कर थैले में भर दिया गया और कमलेश ने शव को खंडहरनुमा मकान में फेंक आया.

मामले से गुस्साए राजस्थान के भील सहित अन्य आदिवासियों में उबाल आ गई है. यहां तक की स्कूलिया छात्राएं भी न्याय की मांग के लिए सड़क पर उतर गईं हैं. सनसनीखेज, रूह कलप जाने वाले इस मामले पर भारी संख्या में आदिवासियों ने आरोपी कमलेश को फांसी की सजा सुनाने, पीड़ित परिवार को 50 लाख मुहैया करवाने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग कर रहे हैं.

यह खौफनाक वारदात झारखंड में रेबिका पहाड़न और दिल्ली में श्रद्धा वाल्कर की बेरहम हत्या जैसे कई जघन्य घटनाओं की याद दिलाती है. ये दर्शाता है कि इंसान की मानसिकता कब किस हद तक बिगड़ सकती है कि ऐसे हैवानियत से भरे घटनाओं को अंजाम देने में उन्हें जरा भी झिझक नहीं होती.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.