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आदिवासियों के हित में कौन सी मांग को लेकर सालखन मुर्मू राष्ट्रपति से मिले

Posted on September 30, 2022 - 10:15 am by

गुरूवार 29 सितंबर को आदिवासी सेंगेल अभियान के अध्यक्ष तथा पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। मुलाकात में उन्होंने आदिवासी स्वशासन में वंशवादी व्यवस्था को समाप्त करने साथ ही इसके जगह लोकतांत्रिक प्रणाली लागू करने की मांग की। साथ ही कहा कि इससे सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार होगा और आदिवासी समाज सशक्त होगा।

दरअसल आदिवासी गांवों में आज भी स्वशासन व्यवस्था में वंश परंपरा के आधार पर चल रही है। जिसके प्रधान के लिए उन्हीं परिवार के लोगों को चयन किए जाते हैं। इसको लेकर कई क्षेत्रों में इस व्यवस्था को लोकतांत्रिक प्रणाली में बदलने के लिए आंदोलन चल रही है। इसी आंदोलन को बड़े स्तर पर पहुंचाने को लेकर सालखन मुर्मू ने राष्ट्रपति से आग्रह की।

सालखन मुर्मू झारखंड, बिहार, बंगाल, असम और ओडिशा में परिवर्तन की भूमिका निभाने में जुटे हैं। सालखन के अनुसार आदिवासी स्वशासन व्यवस्था वंशवादी है। जिससे संविधान,कानून और मानव अधिकारों का घोर उल्लंघन होता है। दरअसल अधिकांश मामलों में वंश परंपरा के कारण अनपढ़, पियक्कड़, संविधान कानून से अनभिज्ञ लोग इसके प्रमुख बन जाते हैं। जिसके कारण पारंपरिक बुराइयों के वाहक होने के साथ गांव समाज को वर्तमान की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु पूरी तरह से अयोग्य होते हैं। अत: इसमें सुधार के लिए पढ़े लिखे समझदार और गांव समाज में अच्छे लोगों की भागीदारी से आदिवासी समाज गुलामी से आजादी की ओर तथा हार से जीत की ओर बढ़ सकता है।

बातचीत के दौरान सालखन मुर्मू ने राष्ट्रपति को अपने अभियान से भी अवगत कराया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और अविलंब सुधार की कामना की। राष्ट्रपति ने सहयोग का भी आश्वासन दिया है। आदिवासी गांव-समाज में सुधार संबंधी प्रस्ताव लेकर सालखन मुर्मू ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, झारखंड के पहले राज्यपाल प्रभात कुमार, रेलवे बोर्ड के पूर्व चेयरमैन शांति नारायण, साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. के श्रीनिवास राव, राष्ट्रीय चिंतक केएन गोविंदाचार्य, जेएनयू के वाइस चांसलर प्रो.शांतिश्री डी पंडित, राष्ट्रीय एसटी कमीशन के चेयरमैन हर्ष चौहान एवं सदस्य अनंत नायक, राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन रेखा शर्मा, जेएनयू के प्रोफेसर डॉ. संजय पांडेय, आइएएस अकादमी, मसूरी में आठ वर्षों तक डायरेक्टर एनसी सक्सेना और प्रो. संजय पासवान से मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सभी स्तर पर सुधारात्मक उपायों के प्रति सहमति और सहयोग का भरोसा दिलाया गया है।

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