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समग्र शिक्षा केरल ने आदिवासी छात्रों की मदद के लिए शुरू की विशेष योजना

Posted on April 11, 2023 - 4:06 pm by

केरल के आदिवासी क्षेत्रों में शैक्षिक समस्याओं को हल करने के लिए पहली बार पडिप्पु थुनक्कुटम (शिक्षण सहायता समूह) नामक एक विशेष परियोजना शुरू हुई है. इसकी शुरूआत समग्र शिक्षा केरल के द्वारा की गई है.  

अधिकारियों के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य आदिवासी छात्रों के बीच शैक्षणिक गुणवत्ता और उपस्थिति सुनिश्चित करना है. परियोजना को शुरू में इडुक्की में चिन्नाक्कनल पंचायत के तहत एक आदिवासी बस्ती में लागू किया गया है.

हाल ही में इडुक्की में चिन्नाक्कनल ग्राम पंचायत के अंतर्गत तीन ओरू (बस्तियों) चेम्पकाथोज़ु कुडी, पचापुल कुडी और टैंक कुडी में तीन दिवसीय सर्वेक्षण किया गया. सर्वेक्षण में पाया गया कि कई, विशेषकर छात्राओं ने स्कूल छोड़ दिया है.

समग्र शिक्षा केरल इडुक्की जिला परियोजना समन्वयक डी. बिंदुमोल के अनुसार लड़कियों को हर महीने उनके मासिक चक्र के सात दिनों के दौरान स्कूल जाने की अनुमति नहीं है. जिसके कारण लड़कियां लंबे समय तक स्कूल नहीं जा पाती. चेम्पकाथोझु सरकारी जनजातीय स्कूल में 5 से 14 वर्ष से कम आयु के कुल 48 छात्र पढ़ रहे थे. कुल 20 छात्रों ने पढ़ाई छोड़ दी थी. इनमें से 12 छात्राएं हैं.

सर्वेक्षण के बाद चेम्पकाथोझू कुडी लोअर प्राइमरी स्कूल में एक बैठक की गई. जिसमें वरिष्ठ व्याख्याता टी.पी. कालाधरन, मुखिया, वार्ड सदस्य, स्कूल प्रधानाध्यापक, आंगनवाड़ी शिक्षक, आदिवासी प्रमोटर और एसएसके अधिकारी शामिल थे.

बैठक ने एक 11-सदस्यीय पडिप्पु थुनाकुट्टम समिति का गठन किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आदिवासी बस्तियों के छात्र स्कूल में भाग लें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करें. पडिप्पु थुनाकुट्टम सदस्यों में आदिवासी प्रमुख, आदिवासी प्रमोटर, वार्ड सदस्य, आंगनवाड़ी शिक्षक, समग्र शिक्षा केरल अधिकारी, प्रधानाध्यापक और छात्रों के माता-पिता शामिल हैं.

एक अधिकारी ने कहा, “परियोजना शुरूआत अप्रैल के अंतिम सप्ताह में चेम्पकाथोझू कुडी, टैंक कुडी और पचप्पुल कुडी आदिवासी बस्तियों में शुरू होगी. पडिप्पु थुनक्कूटम मुख्य रूप से छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करेगा. अप्रैल के अंतिम सप्ताह में स्कूल में दो दिवसीय पडिप्पु कोंडट्टम (बच्चों का त्योहार) आयोजित किया जाएगा.

अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को राज्य में अन्य आदिवासी बस्तियों में लागू किया जाएगा. विशेष परियोजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आदिवासी छात्र सीखने और लिखने में सक्षम हों.

पिछले नवंबर में समग्र शिक्षा केरल ने पदिपुरुस्सी (सीखने का स्वाद) लागू किया. योजना का उद्देश्य एडामालक्कुडी, इडुक्की में मुथुवन आदिवासी बस्तियों के छात्रों को मलयालम पढ़ने और लिखने के लिए तैयार करना था. परियोजना सफल रही और चेम्पकाथोझू कुडी आदिवासी बस्ती में भी यही परियोजना लागू होगी.

चेम्पकाथोझु कुडी में मुथुवन बच्चे भी मलयालम से अपरिचित हैं. पदिपुरुसी योजना शुरू में मुथुवन बोली का उपयोग करती है.

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