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संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड: आदिवासी लोक संस्कृति बचेगी तभी आदिवासी बचेगा

Posted on February 24, 2023 - 5:50 pm by

भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी ने 23 फरवरी 2023 को नई दिल्ली में वर्ष 2019, 2020 और 2021 के लिए संगीत नाटक अकादमी की फैलोशिप (अकादमी रत्न) और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किए.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा था कि संगीत-नाटक जैसी कला विधाएँ भाषा तथा भौगौलिक सीमाओं से ऊपर होती हैं. भारत रत्न से सम्मानित एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी, पंडित रवि शंकर, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, लता मंगेशकर, पंडित भीमसेन जोशी और भूपेन हजारिका के संगीत की शक्ति किसी भाषा या भूगोल से बाधित नहीं होती थी.

उन्होंने आगे कहा था कि हमारी परंपरा में कला एक साधना है, एक संजीवनी है, सत्य की खोज का माध्यम है. कला द्वारा उपासना, अर्चना और स्तुति की जाती है. लोक कल्याणकारी भावनाओं का प्रसार किया जाता है. जो सुंदर है उसकी प्रतिष्ठा की जाती है. प्रकृति का सम्मान किया जाता है. नई फसल का स्वागत किया जाता है.

इन पुरस्कारों की सूची में कई आदिवासी नाम भी शामिल है. जिनमें झारखंड के दुर्गा प्रसाद मुर्मू जिन्हे लोक संगीत और नृत्य में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड दिया गया है. मुर्मू पूर्वी सिंहभूम जिले के राजदोहा गांव के रहने वाले हैं. उनका कहना है कि सम्मान आदिवासियों का गौरव बढ़ाया है. वे लगातार आदिवासी लोक संस्कृति, संवर्धन व विकास का काम जारी रखेंगे. उनका कहना है कि आदिवासी लोक संस्कृति बचेगी तभी आदिवासी बचेगा.

वहीं तारुबाला देबबर्मा को लोक संगीत और नृत्य में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड दिया गया है. तारुबाला देबबर्मा जो त्रिपुरा की रहने वाली है. तारुबाला देबबर्मा त्रिपुरा की लोक कोकबोरोक गायिका है और उनका जन्म 1960 ई. में अगरतला के ठाकुरपाड़ा में हुआ था. उनकी मां स्कूल की शिक्षिका थी.

अरूणाचल प्रदेश के संग जंगमू को राज्य की पारंपरिक कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए लोक नृत्य कैटेगरी में संगीत नाटक अकादमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. मिजोरम के बी. ललथलेंग्लिआना को लोक नाट्य के क्षेत्र में सम्मान दिया गया. इसके अलवा नागालैंड के ज़चुनु कीहो को  लोक संगीत के क्षेत्र में सम्मान दिया गया और मेघालय के सिल्बी पासह को  लोक संगीत के सम्मान दिया गया.

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