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तमिलनाडु: इरूला आदिवासी समुदाय की युवती को सरकारी कॉलेज में मिली मेडिकल सीट

Posted on November 11, 2022 - 5:44 pm by

श्रीमति ने तिरुनेलवेली गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में मेडिकल सीट हासिल की है. वह किलकोटागिरी के कदिनामाला पंचायत में थुंथिबेट्टू आदिवासी गांव की रहने वाली हैं. यह गांव तमिलनाडु के नीलगीरी जिले में है. बी श्रीमति के लिए यह बचपन का सपना सच होने जैसा है.

तीन बार नीट की परीक्षा दी

श्रीमती इरुला समुदाय की पहली सदस्य हैं जिन्होंने मेडिकल कोर्स किया है. उसने 2019 के बाद से तीन बार NEET  परीक्षा दोहराई.

श्रीमति ने कहा कि मैं हमेशा से डॉक्टर बनना चाहती थी. इसलिए, जब मैं 2019 में हायर सेकेंडरी स्कूल से पास हुई,  तो मैंने नीट की परीक्षा दी. हालांकि,  मुझे राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.

श्रीमति

अनुसूचित जनजाति होने के कारण उसके स्कोर के अनुसार एक निजी कॉलेज में  उसे एक मेडिकल सीट मिली थी. हालाँकि उसने अगले दो वर्षों में भी परीक्षा उत्तीर्ण की.  लेकिन वह एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट सुरक्षित नहीं कर सकी थी. बालन की बेटी, ईस्टेट मजदूर  और राधा,  अरवेनु के एक आदिवासी स्कूल में एक शिक्षक  श्रीमति ने एक सरकारी कॉलेज में सीट पाने के लिए दृढ़ संकल्प किया था.

आदिवासी और दलितों की सेवा करना चाहती है

श्रीमति कहती है कि मेरे माता-पिता ने मुझे सफल होने तक फिर से प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया. इसके बाद उसने 2022 की NEET परीक्षा में 720 में से 370 हासिल किया.

श्रीमति कहती है कि मेरी महत्वाकांक्षा आदिवासी समुदाय और दलितों की सेवा करने की है. हालाँकि उनकी माँ एक आदिवासी स्कूल में पढ़ाती हैं.  श्रीमति ने अपनी स्कूली शिक्षा शोलूरमट्टम के सेंट एंटनी के मैट्रिकुलेशन स्कूल में दसवीं कक्षा तक की. उन्होंने ग्यारहवीं व  बारहवीं कक्षा केरकोमबाई के हिल फोर्ट मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की.

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