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तमिलनाडु: एसटी की सूची में किस समुदाय को शामिल करने की याचिका हुई दायर?

Posted on November 8, 2022 - 3:32 pm by

राज्य सरकार से अपने आदिवासी समुदाय को तमिलनाडु की अनुसूचित जनजातियों (एसटी) की सूची में शामिल करने का आग्रह किया गया है. यह आग्रह मलयाली एसटी मलयाली मक्कल नाला संगम के सदस्यों द्वारा की गई है. ताकि अनभिग्य आदिवासियों को आरक्षण का लाभ मिले सके.

दरअसल नीलगिरी संसद के सांसद ए.राजा क्षेत्र के अंतरगत आने वाले विभिन्न बस्तियों का दौरा कर रहे थे. जिसमें काडंबूर हिल्स भी आता है. इस दौरान एसोसिएशन के सचिव एम.के. सुब्रमणि ने इस विषय पर याचिका दायर की.

दायर किए याचिका में कहा गया है कि 25,000 से अधिक मलयाली आदिवासी समुदाय सत्यमंगलम तालुक के कडंबूर हिल्स और अंतियूर तालुक में बरगुर हिल्स में रह रहे थे. जिन्हें एसटी सूची के बजाय अन्य जाति सूची के तहत वर्गीकृत किया गया था.

याचिका में आगे कहा कि अन्य जिलों में उनके समकक्षों को एसटी के तहत वर्गीकृत किया गया था और उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया गया था. लेकिन, उनके समुदाय के सदस्यों को नुकसान होता रहा क्योंकि उन्हें एसटी के रूप में वर्गीकृत नहीं किया गया था.

इसमें ये भी बताया कि राज्य सरकार ने 2016 में उन्हें एसटी की सूची में शामिल करने के लिए केंद्र सरकार को एक सिफारिश सौंपी थी. लेकिन, लोकसभा में जनजातीय मामलों के मंत्री ने एक संविधान (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति), आदेश (संशोधन) विधेयक, 2016 पेश किया, जिसने उनके मलयाली समुदाय को मलयाली गौंडर समुदाय के रूप में संशोधित किया. बिल लैप्स हो गया और केंद्र ने फिर से राज्य से एक सिफारिश जमा करने को कहा.

याचिका में आग्रह किया है कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे को केंद्र के सामने उठाएं ताकि संविधान (अनुसूचित जनजाति) में एक संशोधन किया जाए जिसके बाद उनके समुदाय को तमिलनाडु की अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल किया जाए.

जिसपर श्री राजा ने लोगों को मुख्यमंत्री और केंद्र के सामने इस मुद्दे को उठाने का आश्वासन दिया. अब देखना है कि इसपर कब और कैसे कदम उठाए जाएंगे.

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