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तेलंगाना: 14 वर्षीय आदिवासी किशोर ने लगाई फांसी

Posted on November 3, 2022 - 11:26 am by

तेलंगाना के मेडक जिले के जिन्नाराम में आदिवासी कल्याण गुरुकुलम स्कूल के छात्रावास के कमरे में आदिवासी छात्र ने फांसी लगाई. जिससे मौके पर उसकी मौत हो गई. घटना मंगलवार देर रात की है. छात्र 8वीं कक्षा पढ़ता था तथा उसकी पहचान मलावत शैलेंद्र के रूप में की गई है.

मृतक के माता-पिता और छात्रों ने प्रिंसिपल पर छात्रों की उचित देखभाल नहीं करने का आरोप लगाया है.

परिजनों और छात्रों ने सुबह तक प्रदर्शन किया

पुलिस ने संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला दर्ज किया है. तथा मौत के कारण का पता लगा रही है. प्रिंसिपल साम्य नाइक ने मौत की सूचना दी थी. उसके बाद से छात्र के माता-पिता आधी रात को आश्रम स्कूल पहुंचे और अन्य छात्रों के साथ सुबह 4 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया. अधिक विरोध की आशंका के कारण पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पाटनचेरू सरकारी अस्पताल भेज दिया.

रात 9 बजे तक पढ़ाई करता था

मृतक शैलेंद्र नरसापुर मंडल के इब्राहिमाबाद थांडा का रहने वाला है. पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार मृतक रात 9 बजे तक पढ़ाई करता था. इसके बाद वह अपने कमरें में चला जाता था. रात करीब साढ़े दस बजे जब हॉस्टल अटेंडेंट लाइट बंद करने के लिए कमरे में आया. तो उसने देखा कि शैलेंद्र का शरीर पंखे से लटका हुआ है. हॉस्टल अटेंडेंट ने तुरंत प्रिंसिपल को बताया. इसके बाद प्रिंसिपल ने माता-पिता और पुलिस को सूचित किया.

शैलेंद्र के पिता तारासिंह ने आरोप लगाया कि छात्रावास अधिकारियों की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की मौत हुई है. जिन्नाराम इंस्पेक्टर एम वेणुकुमार ने कहा कि शव माता-पिता को सौंप दिया गया है. इसके अलावा वे सभी एंगल की जांच कर रहे हैं.

पुलिस ने कहा कि मौत का कारण जानने के लिए प्रिंसिपल, माता-पिता और अन्य छात्रों से पूछताछ करनी होगी. पुलिस ने आगे बताया कि शैलेंद्र का छोटा भाई और उनके थांडा बस्ती के करीब छह और छात्र एक ही स्कूल में कक्षा छह में पढ़ते हैं.

रैगिंग पर शक

कुछ लोगों का आरोप है कि शैलेंद्र ने रैगिंग के कारण आत्महत्या कर ली.  कई अन्य लोगों का कहना है कि उन्होंने लगातार खराब स्वास्थ्य रहने की बात कही. इसके अलावा हाल ही में किसी बीमारी की वजह से उनका ऑपरेशन हुआ था.

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