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तेलंगाना: नशे में स्कूल पहुंचा शिक्षक, आदिवासी छात्रा के गर्दन पर किया वार

Posted on November 18, 2022 - 5:48 pm by

शारीरिक दंड की एक और घटना सामने आई है. इस घटना में, सातवीं कक्षा की एक छात्रा को गर्दन की मांसपेशियों में गंभीर चोट लगी.  तेलुगु शिक्षक बी सूरी ने कथित तौर पर मुथ्यलमगुडेम में आदिवासी कल्याण आवासीय विद्यालय में कलास के दौरान उसे मारा.

आपको बता दें कि यह घटना कुछ दिन पहले हुई थी, लेकिन बुधवार की रात अस्पताल में भर्ती होने के बाद गुरुवार को ही इसका पता चला. इस मामले में मिली जानकारी के तहत पीड़िता भुख्य प्रवलिका का कहना है कि उसके तेलुगु शिक्षक ने अपने हाथों से उसकी गर्दन पर जबरदस्ती वार किया.

गर्दन में अकड़न के कारण रात भर दर्द से तड़पती रही युवती

गंभीर पिटाई के कारण सोमवार की रात उसकी गर्दन में अकड़न आ गई है. जिसके कारण पूरी रात वह दर्द से तड़पती रही. यह देखकर कि लड़की दर्द में थी,  हॉस्टल वार्डन बी जयसुधा ने उसे दर्द निवारक दवा दी और राहत के लिए उसकी गर्दन पर दर्द निवारक दवाई लगाई. वहीं इसके बाद भी दर्द बना रहा। ऐसे में उसके सहपाठियों  ने 17 नवंबर की सुबह स्कूल के प्रधानाध्यापक ए भाग्यम्मा के ध्यान में लाया. ऐसे में उसने तुरंत वार्डन से उसे महबूबाबाद सरकारी क्षेत्र के अस्पताल में स्थानांतरित करने के लिए कहा.

इन सभी के बीच इस घटना के विरोध में  मुथ्यालममगुडेम  के निवासी स्कूल पहुंचे और प्रदर्शन किया. प्रवालिका के माता-पिता के साथ छात्र संघों ने तेलुगु शिक्षक और वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस घटना की जानकारी होने पर महबूबाबाद जनजातीय कल्याण उप निदेशक एम येरैया स्कूल पहुंचे और घटना की जानकारी ली.

ग्रामीणों का आरोप शिक्षक नशे में स्कूल जाता था, प्रध्यानाध्यापक ने बचाव किया

वहीं ट्राइबल वेलफेयर रेजिडेंशियल स्कूल के छात्रों और स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि तेलुगु शिक्षक ने शराब के नशे में स्कूल जाता था और छात्राओं से मारपीट करता था.

वहीं संपर्क करने पर  स्कूल की प्रधानाध्यापक भाग्यम्मा ने स्वीकार किया कि तेलुगु शिक्षक सूरी ने प्रवलिका की गर्दन पर वार किया था. वहीं उसकी दुर्दशा के बारे में जानने के बाद हमने उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया. यह सच नहीं है कि वह नशे में स्कूल आता है. वहीं महबूबाबाद जनजातीय कल्याण उप निदेशक एम येरैया ने कहा कि लड़की अब बेहतर है. परीक्षण रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टरों ने कहा कि दर्द गर्दन की मांसपेशियों में गंभीर खिंचाव के कारण हुआ था.

इसी के साथ उन्होंने कहा कि उन्होंने छात्रों से बात की कि घटना कैसे हुई. मैं एक रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंपूंगा जो शिक्षक और वार्डन के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर फैसला लेंगे.

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