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तेलंगाना: पोडू जमीन मुद्दे को लेकर वन अधिकारी की हत्या

Posted on November 23, 2022 - 4:39 pm by

चंद्रगोंडा मंडल के एक घटना में 42 वर्षीय फोरेस्ट रेंज ऑफिसर (एफआरओ) की हत्या कर दी गई. मृतक का नाम एफआरओ चलामाला श्रीनिवास राव बताया जा रहा है. हत्या का आरोप स्थानीय आदिवासी पर लगा है. जिसमें वन अधिकारी और आदिवासी के मध्य हुए विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया. वारदात भद्राद्री-कोठागुडेम जिले में बेंदलापाडू पंचायत सीमा के एर्राबोडु वन क्षेत्र में क्षेत्र में हुई.

आदिवासियों ने दावा किया कि पोडू भूमि उनकी है

वन रक्षक रामू के अनुसार  कुछ आदिवासी रैयतों ने अपने मवेशियों को चरने के लिए एर्राबोडु के पास बागान में छोड़ दिया था. इसकी सूचना एफआरओ श्रीनिवास राव और फएरेस्ट बीट ऑफिसर टी रामा राव को मिली. इसके बाद वे अपनी बाइक से बागान पहुंचे और गोठी कोया के लोगों को अपने मवेशियों के साथ वहां से चले जाने को कहा. लेकिन आदिवासी ने यह दावा करते हुए इनकार कर दिया कि जमीन उनकी है.  जिसके कारण अधिकारियों के साथ गरमागरम बहस हुई.

बहस के बाद हुई हिंसा में एफआरओ घायल हो गया

एफ़आरओ गोठी कोया के क्षेत्र को फिल्माने में व्यस्त था. जबकि रामू और रामा राव मवेशियों को भगा रहे थे. इस दौरान आदिवासियों और एफआरओ के बीच झड़प हुई. झड़प में घातक वार से अधिकारी ढेर में गिर गया. रामू और रामा राव उसकी सहायता के लिए दौड़े और उस हमलावार व्यक्ति को अपने मालिक पर और हमला करने से रोकने की कोशिश की. लेकिन उसने दोनों अधिकारियों पर हमला करने की भी कोशिश की. अधिकारियों द्वारा एफआरओ की जान बख्शने की भीख मांगने के बाद आदिवासी लोग वहां से चले गए.

अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया

खून से लथपथ एफआरओ को विभाग की ओर से भेजी गई कार में चंद्रगोंडा सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया गया. बाद में  उन्हें कोठागुडेम के क्षेत्रीय अस्पताल ले जाया गया. वहां गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें खम्मम के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

जिला मुख्यालय अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ बी श्रीनिवास राव ने कहा कि उन्होंने एफआरओ के गले और गर्दन पर गहरे चोट देखे हैं. खम्मम और भद्राद्री-कोठागुडेम दोनों जिलों के वन अधिकारियों ने श्रीनिवास राव को पुष्पांजलि अर्पित की.

पोडू भूमि को लेकर एर्राबोडु में वन अधिकारियों और गोठी कोयाओं के बीच नियमित रूप से झड़पें होती रही हैं. गोठी कोया के लगभग 30 परिवार 15 साल पहले छत्तीसगढ़ से चले गए थे और वे पोडू की खेती में लगे हुए हैं.

पुलिस के अनुसार एफआरओ की हत्या के सिलसिले में मडकम तुला और पोडियम नांगा के रूप में पहचाने गए दो लोगों को हिरासत में लिया गया. पुलिस सूत्रों ने बताया कि तुला ने ही अधिकारी पर घातक हमला किया. इस बीच राज्य सरकार ने मारे गए एफआरओ के परिवार के सदस्यों में से एक के लिए 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, एक घर की साइट और नौकरी की घोषणा की है. इसके अलावा एफ़आरओ के अंतिम आहरित वेतन का भुगतान उसकी पत्नी को उस तारीख तक किया जाएगा, जब तक कि मृत अधिकारी के जीवित रहने पर उसकी सेवानिवृत्ति हो गई होती.

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