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कहां के जंगल में अकेली आदिवासी लायब्रेरी चल रही है?

Posted on October 1, 2022 - 7:17 am by
The amazing story of Kerala's library in the middle of a forest

भारत की सबसे साक्षर वाले राज्य केरल की सबसे कम साक्षर वाली जगह, जहां 25 आदिवासी परिवार रहते है। यह जगह है केरल के इडुक्की जिलें के इडामलकुड़ी में। यहां की खास बात यह है कि 79 वर्ष के पीवी चिन्नतंबी एक छोटी सी लायब्रेरी और स्पोर्टिंग क्लब चलाते है। इसके अलावा चाय, बिस्कुट, मिक्सचर और अन्य सामान बेचते है। पीवी चिन्नतंबी मुथावन आदिवासी समुदाय से है।

चिन्नतंबी बताते है कि अन्य आदिवासी समुहों की तरह मुथावन आदिवासी समुदाय भी दूसरे भारतीयों की तुलना में वंचित और शिक्षा में सबसे बुरे ड्रॉप आउट झेल रहे है। चिन्नतंबी ने लायब्रेरी के लिए एक रजिस्ट्रर रखी हुई है। जिसमें किताब ले जाने और वापस करने वालों की लेखा जोखा रखा हुआ है। इस क्षेत्र में 25 आदिवासी परिवार रहते हैं। जहां मुथावन 10 सालों से जंगल लायब्रेरी चला रहे है। इनकी लायब्रेरी में 160 किताबें है और जिसे पढ़ने के लिए सालाना 25 रू. तथा 2 रू. महीना शुल्क देकर किताब पढ़ी जाती है। और यहां आपको बिना चीनी की लाल चाय मुफ्त पीने के लिए मिलती है। बिस्कुट और मिक्सचर के ही पैसे लगते है।

झारखंडी अखरा के अश्विनी कुमार पंकज अपने फेसबुक लिखते हैं कि पीवी चिन्नतंबी न्याय पाने के लिए लड़ाई लड़ रहे है। जिसमें एक अन्य शिक्षक के द्वारा अपने समुदाय की कहानी बताने पर समाज का बहिष्कार झेल रहे हैं। इसके लिए ये मुख्यंमत्री तक गुहार लगा चुके है। लेकिन केरल की मार्क्सवादी सरकार से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। शायद इसलिए कि जिन भ्रष्ट राजनेताओं की शह पर समाज ने उसका बहिष्कार किया है, वे उन्हीं के पार्टी के है।

 यह स्टोरी Psainath.org से ली गई है।

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