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छत्तीसगढ़: मृत महिला का शव दफनाने से रोका, बस्तर में धर्मांतरण को लेकर फिर खड़ा हुआ विवाद

Posted on March 21, 2023 - 1:54 pm by

छत्तीसगढ़ के बस्तर में फिर से धर्मांतरण को लेकर विवाद खड़ा हुआ है. इससे पहले भी कई मामले देखने को मिले थे. पिछले साल बस्तर के नारायणपुर में हंगामा हुआ था, जिसके बाद ईसाई आदिवसियों को गांव छोड़कर बाहर जाना पड़ा. वहीं मार्च में रानसर्गीपाल के गांव में अन्य धर्म के लोगों को रोकने के लिए ग्रामसभा के माध्यम से गांव में प्रवेश पर ही प्रतिबंध लगाये जाने का मामला सामने आया.

इसी तरह का मामला सोमवार को बस्तर के परपा थाना क्षेत्र के भेजरीपदर गांव में दो पक्षों के बीच विवाद देखने को मिला. जिसमें ईसाई आदिवासी महिला के शव को दफनाने से रोका गया. इसके बाद उसे घर के पीछे ही दफ्न करना पड़ा.

आदिवासी नहीं चाहते हैं कि उनके गांव में अपना धर्म परिवर्तन कर चुके मृतक के शव को दफनाया जाए. जिसके बाद दो पक्षों में विवाद हुई. इसकी सूचना मिलने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को भेजा गया.

बढ़ते विवाद के बाद शव को पुलिस को सौंप दिया गया, जिसके बाद आदिवासियों और पुलिस बीच झड़प हुई. हालांकि मामले को सुलझा कर पुलिस के अधिकारियों ने मृत महिला के शव को उसके ही घर के पीछे दफनाया, लेकिन अब बस्तर में इस तरह के मामले से तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न होने लगी है. अधिकारियों के अनुसार शव दफनाने के बाद फिलहाल अब भेजरीपदर गांव में मामला शांत करा लिया गया है.

क्या है पूरा मामला

रविवार 19 मार्च की आधी रात को भेजरीपदर गांव की एक महिला की बीमार पड़ने के बाद मौत हो गई. जिसके बाद परिजन गांव में मौजूद कब्रिस्तान में महिला के शव को दफनाने के लिए ले जा रहे थे. इसी के दौरान गांव के ग्रामीणों ने उनका रास्ता रोका और शव दफनाने को लेकर विरोध प्रदर्शन किया.

परिजन महिला के शव को लेकर वहीं बैठे रहे और इसकी जानकारी पुलिस को दी. जिसके बाद शव दफनाने का विरोध कर रहे ग्रामीणों ने भी पुलिस के अधिकारियों को शव को गांव में दफनाने की मंजूरी नहीं देने की बात कही और पूरे 36 घंटे तक गांव के सड़क पर ही महिला का शव पड़ा रहा.

परिजन भी शव को गांव में ही दफनाने को लेकर अड़े रहे, वहीं ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए दफनाने नहीं देने पर अड़े रहे. इसी दौरान दो पक्षो के बीच आपसी झड़प भी हुई.

हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों के विवाद को बढ़ने से रोका, लेकिन गुस्साए लोगों ने पुलिस पर ही पत्थर से हमला किया. पुलिस के हस्तक्षेप करने के बाद महिला के शव को उसी के घर के पीछे दफनाने के लिए ग्रामीण राजी हो गए.

धर्मांतरण मामले में लगातार हो रहा है विवाद

बता दें कि पिछले साल नारायणपुर में धर्मांतरण को लेकर मृतकों के शवों को दफनाने को लेकर बवाल मच चुका है. वहीं मार्च में रानसर्गीपाल के गांव में अन्य धर्म के लोगों को रोकने के लिए ग्रामसभा के माध्यम से गांव में प्रवेश पर ही प्रतिबंध लगाये जाने का मामला सामने आया था.

सितंबर 2021 में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के दुरुला गांव में इसी तरह का मामला देखने को मिला था, जहां हो आदिवासियों ने ससन दीरी में दफनाने के लिए जगह नहीं दी थी. फरवरी 2022 में छत्तीसगढ़ के केशकाल में बुजुर्ग के मौत के बाद इसी तरह का मामला देखने को मिला था.

मई 2020 में झारखंड के रांची में एक मामला देखने को मिला था, जिसमें चर्च ने ईसाई बने आदिवासियों को कब्रिस्तान में जगह नहीं दी थी कि उक्त परिवार ने कब्रिस्तान के लिए चर्च को दान नहीं दिया था.

(Photo: ABP)

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