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जातिवाद का कहर: आदिवासी को ट्यूबवेल से पानी लेना पड़ा महंगा, चुकानी पड़ी जान

Posted on November 8, 2022 - 12:23 pm by

राजस्थान के जोधपुर में एक जातिवाद का मामला सामने आया है. जिसमें एक आदिवासी को ट्यूबवेल से पानी लेने की कीमत जान देकर चुकाना पड़ा. घटना में 46 वर्षीय आदिवासी व्यक्ति को ट्यूबवेल से पानी लेने पर लोगों ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी.

क्या है पूरा मामला

पुलिस ने इस पूरे मामले की 7 नवंबर को दी. जिसमें मृतक की पहचान किशनलाल भील (46) के रूप में हुई है. वह भोमियाजी की घाटी का निवासी है. मृतक के भाई अशोक भील ने बताया कि आरोपियों ने उसके भाई को पीटने के साथ जातिसूचक अपशब्द कहे. इसके साथ ही उन जातिवादी दरिंदो ने  परिवार के सदस्यों को किशनलाल को अस्पताल तक नहीं ले जाने दिया. पुलिस के पहुंचने के बाद ही परिजन गंभीर रूप से घायल किशनलाल को अस्पताल ले जा सके. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत करार दिया. पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों हिरासत में लिया है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम शकील, नासिर और बबलू है. इन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

किशनलाल भील

आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग

सूरसागर थाना प्रभारी गौतम डोटासरा ने बताया कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है. वहीं किशनलाल के परिवार और समुदाय के सदस्यों ने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है. इसके साथ मुआवजे और आश्रित परिजन के लिए सरकारी नौकरी की भी मांग की. इसको लेकर किशनलाल का अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए विरोध प्रदर्शन किया.

जुलाई में इस तरह की एक और घटना घटी थी

राजस्थान राज्य में जाति के नाम पर होने वाली यह पहली वारदात नहीं है. इससे पहले जुलाई 2022  में जालौर क्षेत्र के सुराणा गांव स्थित स्कूल सरस्वती विद्या मंदिर में इस तरह घटना देखने को मिली थी. जिसमें एक छात्र इंद्र मेघवाल ने शिक्षक छैल सिंह के मटके से पानी पी. जिसके बाद नाराज शिक्षक ने बच्चे को बुरी तरह पीट दिया और जातिसूचक अपशब्द भी कहा. पिटाई के 24 दिन बाद हालात गंभीर होने से अहमदाबाद में इलाज के दौरान अगस्त माह में उसने दम तोड़ दिया था.

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