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यहां शिक्षा नहीं, भोपा बन रहें हैं आदिवासी बच्चे

Posted on October 13, 2022 - 8:19 am by

राजस्थान के उदयपुर से 60 किलोमीटर दूर जाडोल-ओगना मार्ग पर बहने वाली नदी के पास आदिवासी सड़क किनारे राम माताजी की पूजा करते हैं.

स्थानीय अखबार आपका राजस्थान के अनुसार यहां दो छोटे बच्चे हाथों में मोर पंख लिए चार भोपाओं के बीच धूल चटा रहे हैं। 10-10 साल के मुकेश कटारा और अशोक वडेरा को ‘भोपाजी’ बनने की ट्रेनिंग दी जा रही है। यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पूरा गांव मौजूद है।

आप क्या कर रहे हो? पूछने पर मिला जवाब- बड़े होकर ये बच्चे लोगों को झाड़ू लगाएंगे, उनका इलाज करेंगे। 80 वर्षीय हमीराजी ने जब नाना से पूछा कि एक आदिवासी महिला देश के राष्ट्रपति पद पर पहुंच गई है, तो हमीराजी उल्टा पूछने लगे, आप किसकी बात कर रहे हैं? उन्होंने पीएम-सीएम को लेकर भी जानकारी न होने की बात कही।

उदयपुर के कलेक्टर ताराचंद मीणा बोले कि मेरी राय में यह संभव नहीं है कि लोग लोकप्रिय व्यक्तियों को नहीं जानते। मैंने कभी किसी और से ऐसे सवाल नहीं पूछे।

यहां कोई गहलोत-पायलट नहीं… सरपंचजी से पूछिए

अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बारे में पूछे जाने पर देवेरे में मौजूद 40 वर्षीय शंकर वडेरा ने कहा- हमारे यहां उस नाम का कोई नहीं है। उन्होंने सरपंच रामलाल की ओर इशारा किया। उसने कहा – पूछो कि तुम क्या पूछना चाहते हो। सरपंच साहब भीड़ से बाहर निकले। राष्ट्रपति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा- हां, अगर कोई मैडम बनता है तो वह राष्ट्रपति होते हैं। यहां तक ​​कि भोपा में ट्रेनिंग ले रहे मुकेश और अशोक को भी किसी के बारे में कुछ पता नहीं है। रानपुर गांव में मिले मूलाराम और धर्मचंद ने भी कहा- हम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री अशोक गहलोत या सचिन पायलट को नहीं जानते।