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आदिवासी की कस्टडी में मौत, वन कर्मचारियों पर हत्या का आरोप

Posted on October 15, 2022 - 6:10 am by

कर्नाटक के मैसुरु जिले में वन विभाग के द्वारा हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की मौत के मामले में पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं. मैसुरु जिले में वन विभाग ने 10 अक्टूबर को एक शख्स को हिरण का शिकार करने और उसका मांस बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था. 12 अक्टूबर को इस शख्स की मौत हो गई. पुलिस ने इस मामले में रेंज वन अधिकारी अमृतेश, उप रेंज वन अधिकारी कार्तिक यादव, दो वन अधिकारियों और 13 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

वन कर्मचारियों पर लगा प्रताड़ित करने का आरोप

मैसुरु के एन बेगुरु पंचायत के होसहल्ली बस्ती के रहने वाले 49 साल के करियप्पा के परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि रेंज वन ऑफिस में हिरासत में रहते हुए मारपीट से उसकी मौत हुई है. परिवार के सदस्यों का कहना है कि करियप्पा से हिरासत में मारपीट की गई है क्योंकि उसके शरीर पर चोट के निशान थे. मृतक के परिवार के अनुसार उसके शरीर पर चोट के निशान साबित करते हैं कि उसे वन कर्मचारियों ने प्रताड़ित किया था.

वन अधिकारियों ने कहा हमेशा बीमार रहता था

वहीं  वन अधिकारियों ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि पीड़ित व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार था और उसे दो दिन बाद अस्पताल ले जाना पड़ा. एक वन अधिकारी ने  कहा,  हमने हिरण का शिकार करने और उसका मांस बेचने के एक मामले में 10 अक्टूबर को उसे हिरासत में लिया था. हमारी तरफ से उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया. बुधवार को, उसने तबीयत खराब होने की शिकायत की,  जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. जिसके बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

कोई भी जानवर मरे, हमें ही अरेस्ट किया जाता है

ब्रह्मगिरी आदिवासी मोहल्ले के रहने वाले सुरेश के अनुसार जब कोई जानवर जंगल में अपनी प्राकृतिक मौत मरता है, वन विभाग हम पर शिकार करने का आरोप लगाता है और हमारे खिलाफ झूठे मामले दर्ज करता है. कई मौकों पर उन्होंने हमें प्रताड़ित किया है. इतना ही नहीं अधिकारी हमें कुछ मामलों में केस दर्ज करने की धमकी देते हैं और प्रताड़ित करते हैं। मैं सीएम बोम्मई से मांग करता हूं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो।

स्थानीय विधायक ने पीड़ित परिवार के लिए नौकरी और मुआवजे की मांग की

विधायक अनिल चिक्कमडू ने के आर अस्पताल के मुर्दाघर का दौरा किया जहां करियप्पा का शव रखा गया था। विधायक ने उनकी मौत की सीआईडी ​​जांच की मांग की है। यह याद करते हुए कि एचडी कोटे तालुक में यह दूसरी ऐसी घटना है, विधायक ने कहा कि सरकार को मामले को गंभीरता से लेना चाहिए क्योंकि मृतक के शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे। चिक्कमडू ने यह भी मांग की कि सरकार करियप्पा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने के अलावा उसके परिवार को मुआवजा भी दे। इस बीच, मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम के बाद करियप्पा का शव उनके परिवार वालों को सौंप दिया गया।

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