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प. बंगाल: जादू-टोने की शक में आदिवासी परिवार की लिं’चिंग, दो की मौ’त

Posted on March 27, 2023 - 1:15 pm by

आदिवासी क्षेत्रों में फिर से डायन के शक में हत्या के मामले बढ़े है. ताजा मामला प. बंगाल के बीरभूम जिले से आया है. जिसमें बीरभूम के सैंथिया थाना क्षेत्र के अदमपुर मे स्थानीय लोगों ने आदिवासी परिवार के दो लोगों की लिंचिंग कर हत्या कर दी. मृतकों की पहचान 62 वर्षीय पांडु हेम्ब्रम और उनकी 52 वर्षीय पत्नी पार्वती हेम्ब्रम के रूप में हुई है.

शुक्रवार की रात स्थानीय लोगों ने पांडू और पार्वती को जादू-टोने के शक में बूरी तरह से पीटा. जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में स्थानीय बोलपुर सब-डिविजनल अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौरान ही रविवार को दोनों की मौत हो गई.

हत्या के आरोप में गांव के प्रधान रूबाई बेसरा को गिरफ्तार किया गया है. उस पर काफी समय से स्थानीय लोगों को मृतक परिवार के खिलाफ भड़काने का आरोप है. वर्तमान में अबी भी तनाव का माहौल बना हुआ है. पुलिस और प्रशासन क्षेत्र में पैनी नजर रखे हुए है.

जिला प्रशासन पर कई आरोप लगाए गए है, जिसमें कहा गया है कि प्रशासन के द्वारा अंधविश्वास के खिलाफ क्षेत्र में नियमित रूप जागरूकता अभियान चलाने में कोई रूचि नहीं दिखाई है.

निर्दोष लोगों को जादू-टोना या डायन के रूप मे पहले ब्रांडेड किया जाता है. इसके बाद उन्हें अपमानित किया जाता है. फिर उन पर हमला किया जाता है या हत्या तक कर दी जाती है. इस मामले में भी इसी तरह का मामले में देखा गया.

NCRB के अनुसार साल 2000 औ 2012 के बीच जादू-टोना या डायन के नाम पर 2097 हत्याएं की गई. इनमें से 363 झारखंड से बताए गए थे और इस आंकड़े में 2000 में हुई हत्याएं शामिल नहीं हैं, जब झारखंड बिहार का हिस्सा था.

झारखंड अपराध रिकार्ड के अनुसार वर्ष 2001 से 2013 तक 414 जादू-टोने के नाम पर हत्याएं हुई, इसमें दर्ज मामलों की संख्या 2854 है.

झारखंड के अलावा हरियाणा, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम और बिहार आदि राज्यों में इस तरह की हत्या देखने को मिलती है.

साल 2010 में NCRB के अनुसार हरियाणा में 32 फीसदी हत्याएं हुई. साल 2012 में ओडिशा में 26 फीसदी हत्या हुई और 75 फीसदी मामले गैर इरादतन मामले देखने को मिले.

वहीं असम के 27 जिलों में से 16 जिलों में डायन के नाम पर हमले हुए. जिसमें 2002 से अब तक 150 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.

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