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साहित्य अकादमी में आदिवासी सदस्य, जानिए महादेव टोप्पो के बारे में

Posted on February 11, 2023 - 12:48 pm by

झारखंड के साहित्यकार और रंगकर्मी महादेव टोप्पो साहित्य अकादमी के कार्यकारिणी समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त हुए हैं. इस बात की जानकारी महादेव टोप्पो को साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. के. श्रीनिवासराव ने फोन पर दी. महादेव को आधिकारिक तौर पर पत्र भी मिल गया है. उन्होंने साहित्य अकादमी के प्रति अपना आभार प्रकट किया है. उन्होंने कहा कि वे आश्चर्यचकित हैं, उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें साहित्य अकादमी की कार्यकारिणी में सदस्य मिलने का मौका मिलेगा.

झारखंड आंदोलन में कविताओं की रही अहम भूमिका

महादेव टोप्पो झारखंड में साहित्य, भाषा और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं. उनकी कविताएं देश के लगभग सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं. उनकी कविताओं ने झारखंड आंदोलन में भी अहम भूमिका निभाई है. उनकी रचनाओं में जंगल पहाड़ के पाठ (कविता संग्रह), सभ्यों के बीच आदिवासी (लेख संग्रह) का चर्चित रचनाएं हैं. उनकी रचनाओं का अन्य भाषाओं में अनुवाद भी हुआ है.

साहित्य के लिए बेहतर माहौल बनाने की कोशिश

साहित्य अकादमी में अपनी भूमिका के सवाल पर महादेव कहते हैं कि वे एक सदस्य के रूप में वृहद झारखंड की बातों को उठाएंगे. यह कोशिश होगी कि वृहद झारखंड और नॉर्थ ईस्ट में साहित्य के लिए बेहतर माहौल बने. नॉर्थ ईस्ट की बातें तो फिर भी हुआ करती थी, लेकिन वृहद झारखंड की बातें कम हुई है. यह सब महादेव टोप्पो की प्राथमिकता में होगी.

संपादन के साथ अभिनय भी आजमाया हाथ

महादेव बताते हैं कि उन्होंने धर्मयुग, समकालीन जनमत, समयांतर, अरावली उद्घोष, परिकथा, नया ज्ञानोदय, आदिवासी साहित्य आदि पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएं लिखीं हैं. उनकी कविताएं जर्मनी, मराठी, असमिया संथाली भाषा में भी प्रकाशित हुईं हैं. इतना ही नहीं उन्होंने कई पुस्तकों का संपादन करने के साथ बाहा, पहाड़ा, एड़पा काना फिल्मों में अभिनय भी किया है.

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