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ट्राइफेड: जानिए किस राज्य में क्या कर रही है ये संस्थान

Posted on April 5, 2023 - 10:30 am by

केंद्र सरकार ने पिछले पांच सालों में जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए 40 आदि महोत्सव का आयोजन किया. आदि महोत्सव जनजातीय करीगरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करता है. इसके लिए राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर महोत्सव और प्रदर्शनी-सह-बिक्री का आयोजन करता है. यह जानकारी आदिवासी मामलों में केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह सरूता ने एक सवाल के जवाब में दिया.

जदयू से राज्यसभा सांसद अनिल प्रसाद हेगड़े ने पूछा था कि ट्राइफेड आदिवासी सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए क्या कर रही है. इसके अलवा जनजातीय कारीगरों को इससे कितना लाभ मिलता है. वह यह भी जानना चाह रहे थे कि पांच सालों में केंद्र सरकार ने कितने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय उत्सव और प्रदर्शनी सह बिक्री का आयोजन किया है.

भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास संघ(ट्राइफेड) जनजातीय कार्य मंत्रालय का एक स्वायत्त ईकाई है. यह ईकाई जनजातीय सास्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के साथ जनजातीय कारीगरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाता है.

साल 2017-18 में क्षेत्रीय स्तर पर पांच राज्यों में जयपुर, भोपाल, रांची, चंडीगढ़ और गुवाहाटी में आदि महोत्सव का आयोजन किया गया.
साल 2018-19 में क्षेत्रीय स्तर पर इंदौर, अहमदाबाद, हैदराबाद, भोपाल, प्रयागराज, पटना, जयपुर, मुंबई, पांडिचेरी और गोवा आदि 10 राज्यों में आदि महोत्सव का कार्यक्रम किया गया था.

साल 2019-20 में क्षेत्रीय स्तर पर रांची, ऊटी, शिमला, लेह-लद्दाख, विशाखापट्टनम, नोएडा, पुणे, इंदौर, भुवनेश्वर, जयपुर, पांडिचेरी, गोवा, भोपाल, लखनऊ और प्रयागराज में 15 आदि महोत्सव का आयोजन किया गया.

2021-22 में क्षेत्रीय स्तर पर पुद्दुचेरी, तंजावुर, गुजरात, राउरकेला और भोपाल आदि पांच राज्यों में आदि महोत्सव का कार्यक्रम किया गया.
इसके अलावा 2017 से 2022 तक राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली में पांच आदि महोत्सव के आयोजन किए जा चुके है.

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