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त्रिपुरा: इसी के कारण भाजपा जनजाति समुदाय की पहली पसंद है – पीएम

Posted on December 19, 2022 - 12:10 pm by

भाजपा सरकार ने ही पहली बार जनजातीय गौरव दिवस के महत्व को समझा है. 15  नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में देशभर में मनाने की शुरुआत की. देश की आज़ादी में जनजातीय समुदाय के योगदान को भी आज देश-दुनिया तक पहुंचाया जा रहा है. देशभर में 10 ट्राइबल फ्रीडम फाइटर म्यूजियम बनाए जा रहे हैं. यहां त्रिपुरा में भी हाल में ही राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने महाराजा बीरेंद्र किशोर माणिक्य संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी है. त्रिपुरा सरकार भी जनजातीय योगदान और संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. पूर्वोत्तर की यात्रा कर रहे पीएम मोदी ने 18 दिसंबर को त्रिपुरा के एक कार्यक्रम में कही.

उन्होने कहा कि त्रिपुरा की जनजातीय कला-संस्कृति को आगे बढ़ाने वाली विभूतियों को पद्म सम्मान देने का सौभाग्य भी भाजपा सरकार को ही मिला है. ऐसे ही अनेक प्रयासों का परिणाम है कि त्रिपुरा सहित पूरे देश में जनजातीय समुदाय का विश्वास भाजपा पर सबसे अधिक है.

आदिवासियों के लिए कई योजनाएं चला रही है सरकार

पीएम ने कहा कि अटल बाजपेयी की सरकार ने सबसे पहले आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय, अलग बजट की व्यवस्था की. जब से हमारी सरकार बनी है  तब से जनजातीय समुदाय से जुड़े हर मुद्दे को हमने प्राथमिकता दी है. जनजातीय समुदाय के लिए जो बजट 21 हज़ार करोड़ रुपए था, वो आज 88 हज़ार करोड़ रुपए है. इसी प्रकार आदिवासी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति भी दोगुने से अधिक की गई है. इसका लाभ त्रिपुरा के जनजातीय समाज को भी हुआ है.

पीएम ने आगे कहा कि 2014  से पहले जहां आदिवासी क्षेत्रों में 100 से कम एकलव्य मॉडल स्कूल थे. वहीं आज ये संख्या 500 से अधिक पहुंच रही है. त्रिपुरा के लिए भी 20 से अधिक ऐसे स्कूल स्वीकृत हुए हैं. पहले की सरकारें सिर्फ 8-10 वन उत्पादों पर ही MSP देती थीं. वर्तमान सरकार 90 वन उपजों पर MSP दे रही है. आदिवासी क्षेत्रों में 50 हज़ार से अधिक वन धन केंद्र हैं, जिनसे लगभग 9 लाख आदिवासियों को रोज़गार मिल रहा है. भाजपा सरकार ने बांस के उपयोग और  व्यापार को जनजातीय समाज के लिए सुलभ बनाया.

जनजातीय समुदाय के योगदान को देश-दुनियां तक पहुंचाया जा रहा है

भाजपा सरकार ने ही पहली बार जनजातीय गौरव दिवस के महत्व को समझा है. 15  नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में देशभर में मनाने की शुरुआत की. देश की आज़ादी में जनजातीय समुदाय के योगदान को भी आज देश-दुनिया तक पहुंचाया जा रहा है.

उन्होंने कहा कि देशभर में 10 ट्राइबल फ्रीडम फाइटर म्यूजियम बनाए जा रहे हैं. यहां त्रिपुरा में भी हाल में ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने महाराजा बीरेंद्र किशोर माणिक्य संग्रहालय और सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी है. त्रिपुरा सरकार भी जनजातीय योगदान और संस्कृति के प्रचार प्रसार के लिए निरंतर प्रयास कर रही है.

सत्ताभाव की राजनीति ने जनजातीय समाज का नुकसान किया

मोदी ने कहा कि सत्ताभाव की राजनीति ने जनजातीय समाज का बहुत बड़ा नुकसान किया. आदिवासी समाज को  जनजातीय क्षेत्रों को विकास से दूर रखा गया. पीएम मोदी ने कहा कि इसी के कारण भाजपा आदिवासी समाज की पहली पसंद बन गई है. गुजरात में हुए जीत को जनजातीय समाज का योगदान बताया है. आदिवासियों के लिए आरक्षित 27 सीटों में से 24 सीटें बीजेपी ने जीती हैं.

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