Skip to main content

त्रिपुरा चुनाव: टिपरा ने बीजेपी से गठबंधन के संभावना से इनकार किया

Posted on January 25, 2023 - 5:35 pm by

टिपरा के अध्यक्ष प्रदयोत देबबर्मा ने भारतीय जनता पार्टी के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार किया है. उन्होने कहा है कि जब तक हमें संवैधानिक समाधान की हमारी मांग(ग्रेटर टिपरालैंड) लिखित तौर पर नहीं मिलेगी, तब तक हम कोई गठबंधन नहीं करेंगे.

दरअसल, मीडिया के खबरों के अनुसार त्रिपुरा विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा के एक दिन बाद टिपरा पार्टी को गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा दिल्ली में “ग्रेटर टिपरालैंड” की पार्टी की मांग पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है. जिसमें  गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने त्रिपुरा के शाही वंशज और TIPRA के अध्यक्ष प्रद्योत देबबर्मा से मुलाकात की और उन्हें अपनी पार्टी की “ग्रेटर टिप्रालैंड” मांग पर चर्चा करने के लिए दिल्ली आमंत्रित किया.

प्रद्योत देबबर्मा के अलावा TIPRA के अध्यक्ष बिजॉय कुमार हरंगखल, पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिमेष देबबर्मा, चित्त देबबर्मा और मेवार कुमार जमातिया बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली आने वाले हैं.

मीडिया के अनुसार एक वरिष्ठ टिपरा पार्टी के ने कहा था कि टिपरा 50 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवार की घोषणा करने के लिए पूरी तरह तैयार है, क्योंकि कोई भी पार्टी ग्रेटर तिप्रालैंड का लिखित आश्वासन देने के लिए सहमत नहीं हुई है. हमने भाजपा के शीर्ष नेताओं और कांग्रेस के साथ भी कई दौर की बातचीत की, लेकिन प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं थी. TIPRA  के नेता ने कहा कि फिर भी गृह मंत्रालय ने चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई है और अगर हमारी मांग पूरी हो जाती है, तो भाजपा के साथ चुनावी गठबंधन करने में कोई समस्या नहीं होगी.

बिना लिखित समाधान के कोई गठबंधन नहीं

इसको लेकर टिपरा के अध्यक्ष प्रद्योत देवबर्मन ने ट्वीट करते हुए कहा कि आश्चर्य है कि यह टिपरा नेता कौन है जिसने कहा कि हम भाजपा के साथ गठबंधन करेंगे. जब तक हमें संवैधानिक समाधान की हमारी मांग लिखित में नहीं मिलेगी तब तक हम कोई गठबंधन नहीं करेंगे. दूसरी बात कृपया मुझे बताएं कि यह नेता टिपरा से कौन है, जिन्होने गठबंधन की बात कही है,  उसे निलंबित करने की जरूरत है.

वहीं TIPRA के चेयरमैन प्रद्योत देबबर्मा ने कहा कि शुरुआत में किसी ने हम पर भरोसा नहीं किया, फिर हम लड़े और आज हम जीतने की कगार पर हैं. हमें अपने लोगों और समस्याओं के संवैधानिक समाधान के बारे में सोचना होगा. हमें एकता की जरूरत है और यह तभी आती है जब आप अपने लोगों के हितों को अपने हितों से ऊपर रखते हैं.

प्रद्योत ने अपना स्टैंड दोहराते हुए कहा कि मैं बार-बार अपने रुख को दोहराता रहा हूं, जब तक हमें ग्रेटर टिपरालैंड की लिखित प्रतिबद्धता नहीं मिलती है, टिपरा मोथा किसी भी पार्टी के साथ नहीं जाएंगे. अभी तक किसी भी पार्टी ने लिखित में नहीं दिया है. हालांकि कांग्रेस और सीपीआई-एम द्वारा राज्य के मूल निवासियों की समस्याओं के संवैधानिक समाधान के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए, हम फिलहाल किसी भी पार्टी के साथ नहीं जाएंगे.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.