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गुजरात में नए रूप में घुसना चाह रहे हैं अर्बन नक्सल : मोदी

Posted on October 11, 2022 - 11:19 am by

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात दौरे के दूसरे दिन मंगलवार 11 अक्टूबर को भरूच में जनसभा की, जनसभा को अर्बन नक्सलवाद पर प्रहार किया। पीएम मोदी ने कहा कि अर्बन नक्सल अब नये रंगरुप के साथ गुजरात में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे है. उन्होंने वस्त्र बदले है, उत्साही-उमंग वाले युवाओं को फसा रहे हैं. मेरे आदिवासी भाईयों को मुझे खास कहना है कि  बंगाल में नक्सलवाद शुरु हुआ,  झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ, मध्यप्रदेश का थोड़ा भाग, ओडीशा, आंध्र, तेलंगाना और महाराष्ट्र में गढ़चिरौली हमारे आदिवासी युवाओं कि जिदंगी नक्सलवाद ने तबाह कर दी। उनके हाथ में बंदूक थमा दी, मौत का खेल खेलने के लिए उन्हें भड़काया, चारों तरफ संकट बढ़ा।

उपर से उड़कर अर्बन नक्सल आ रहे हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं गुजरात में नक्सलवाद को नहीं घुसने देना चाहता, मुझे मेरे आदिवासी भाई-बहनों को बचाना है,  मुझे उनके जीवन में इस प्रकार की बिमारी ना घुसे, इसलिए उमरगाम से अंबाजी तक विकास किया। मेरी बात को आदिवासी भाई-बहनों ने मानी, अच्छे दिन आयेंगे ऐसा विश्वास रखा  और परिणाम यह आया कि गुजरात में नक्सलवाद उस रास्ते से घुस नहीं सका। परंतु अब उपर से उडकर अर्बन नक्सल घुस रहे है, गुजरात की युवा पीढ़ी को मुझे तबाह नहीं होने देना,  हम अपने संतानों को सचेत करे कि अर्बन नक्सलों ने देश को बरबाद करने का बीड़ा उठाया है, वह विदेशी ताकतों के एजेन्ट बनकर आये है, उसके सामने गुजरात कभी भी झुकेगा नहीं, गुजरात उन्हें जमीनदोस्त करके रहेगा।

गुजरात में आदिवासी मुख्यमंत्री रह चुके हैं

हमारे यहां आदिवासी मुख्यमंत्री भी रह चुके है, फिर भी उमरगाम से अंबाजी में उंगली से गिन सके उतनी साइंस स्ट्रीम की स्कूल नहीं थी, अब आप मुझे बताएं 10वी और 12वी में साइंस न हो और चाहे जितने भी आरक्षण की बातें करे, और वह लड़का या लड़की डॉक्टर बन सकेगा?, अरे उसे डॉक्टर या इंजीनियर बनाना हो पहले 10वी और 12वी में साइंस की स्कूल चाहिए.. वह भी नहीं हुआ था। मैं आया उसके बाद पूरे विस्तार में 10 से 12 तक की स्कुलें बनाई। और आज मेरे आदिवासी भाई-बहन केनेडा में प्लेन उड़ाने की ट्रेनिंग लेने जाते है। डॉक्टर बन रहे है, वकील बन रहे है, और मैं गर्व से कह रहा हुं कि मेरे आदिवासी संतान गुजरात का नाम रोशन कर रहे है। आदिवासी के नाम पर युनिवर्सिटी हो,  गुजरात में बिरसा मुंडा युनिवर्सिटी, गुरु गोबिंद युनिवर्सिटी आदिवासी युवाओं के लिए नया आत्मविश्वास और नया अवसर प्राप्त हुआ है।

वन बंधु योजना से आदिवासी समाज मजबूत हुआ है। आदिवासी समुदाय पशुपालन करे, किसान आधुनिक खेती करे और उनके जीवन में बदलाव आए, यह विकास यात्रा में हमारे आदिवासी लोगों का योगदान उन्होंने जो सम्मान दिया है। भगवान बिरसा मुंडा का जन्मदिन आदिवासी भगवान की रूप में पूजे जाए। हमने आदिवासी दिन घोषित किया। गुजरात सहित पुरे देश में जो आदिवासी आजादी के जंग मे लड़े थे उनकी स्मृति में स्मारक बनाए।