Skip to main content

छत्तीसगढ़: आदिवासी बच्चों को पढ़ाने के नाम पर करता था खरीद-फरोख्त, हुई आजीवन कारावास

Posted on December 17, 2022 - 4:43 pm by

आदिवासी बच्चों पर अत्याचार करने के मामले में पूर्व स्कूल संचालक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई  गई. उस पर फर्जी तरीके से स्कूल खोलने और पढ़ाई के नाम पर घर में काम कराने के लिए खरीद फरोख्त का आरोप है. आरोपित सतीश उर्फ क्षितिज शर्मा मूलत: बिहार के गया जिले के बुनियाद गंज इलाके के पंडरिया मोहल्ले का रहने वाला है.

क्या है पूरा मामला

दरअसल यह मामला वर्ष 2015 का है. जिसमें छत्तीसगढ़ में पन्ना जिले के देवेंद्र नगर इलाके में स्थित वेदांता स्कूल चलाया जा रहा था. जिसमें स्कूल के संचालक सतीश उर्फ क्षितिज शर्मा ने फर्जी तरीके से स्कूल की मान्यता बनायी थी. और आदिवासी बच्चों को पढ़ाने के नाम पर उन्हें लोगों के घर में काम कराने के लिए खरीद-फरोख्त करने का उस पर आरोप है. मामला सामने आने के बाद कबीर नगर पुलिस थाने में स्कूल की मान्यता फर्जी तरीके से लेने, धोखाधड़ी, इसके साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर 21 जुलाई, 2015 को आरोपित सतीश उर्फ क्षितिज शर्मा को गिरफ्तार किया था. इसके बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया.

छत्तीसगढ़ विशेष न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2014-15 के लिए आदिम जाति विद्यार्थी योजना के तहत प्रदीप कुरेटी, कुशल पात्र, मयंक मरकाम (अब वयस्क) को कक्षा छठवीं में चयनित किया गया था. इन बच्चों को वेदांता पब्लिक स्कूल में प्रवेश दिलाने का निर्देश आदिम जाति विभाग ने दिया था. परिजनों ने वेदांता स्कूल के संचालक सतीश उर्फ क्षितिज शर्मा (42) से संपर्क कर अपने बच्चों को अग्रिम शिक्षा के लिए सौंपा था.

घर लौटने पर बालकों ने परिजनों को बताया कि स्कूल संचालक व उनकी पत्नी द्वारा अपने घर में झाड़ू-पोंछा करवाया जाता है. पीड़ित कुशल पात्र के पिता ने विधायक को इसकी जानकारी दी. आरोपित के घर जाने पर बालकों को बंधक बनाकर रखना पाया गया. प्रशासन की टीम ने इन बच्चों को छुड़ाकर कबीर नगर पुलिस थाने में केस दर्ज कराया. पुलिस ने आरोपित सतीश उर्फ क्षितिज शर्मा के खिलाफ धारा 370, 420,467, 468, 471 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की. जांच के बाद आरोपित को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया.

विशेष अदालत ने सुनाई सजा

विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज) हिरेंद्र सिंह टेकाम ने स्कूल संचालक सतीश उर्फ क्षितिज शर्मा को दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास व एक हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनायी.  अर्थदंड की राशि का भुगतान न करने पर आरोपित को प्रत्येक अपराध में एक-एक वर्ष का अलग से कारावास भुगतनी पड़ेगी. आरोपित 154 दिन जेल में रहा है. उसे सजा की अवधी में जोड़ा गया है. आरोपित सतीश उर्फ क्षितिज शर्मा मूलत: बिहार के गया जिले के बुनियाद गंज इलाके के पंडरिया मोहल्ले का रहने वाला है.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.