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प.बंगाल: कांकसा में आदिवासी संगठन ने इसलिए किया चक्का जाम

Posted on January 4, 2023 - 4:51 pm by

पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में संथाली भाषा को सरकारी मान्यता तथा बंद पड़े आदिवासी हॉस्टल खुलवाने समेत नौ सूत्री मांग को लेकर 4 दिसंबर की सुबह से ही सड़क अवरोध कर दिया गया है. इसके कारण भारी ट्रैफिक जाम लग गई है. 12 घंटे के हड़ताल को केंद्र कर सुबह से ही आदिवासी समुदाय के लोगों ने हाथ में तीर धनुष लेकर सड़क रोका था.

लंबे समय से कर रहे हैं मांग

आदिवासी संगठन का कहना है कि जब तक राज्य कमेटी की ओर से आर्डर नहीं आता और मुख्यमंत्री जब तक हमारी मांगों को नहीं मानती तब तक हमारा यह 12 घंटा व्यापी हड़ताल जारी रहेगा. बताया जाता है की पश्चिम बंगाल में भारत ज़कात माझी परगना महल राज्य कमेटी लम्बे समय से अपनी मांग कर रही है लेकिन सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया है.

ये मांग है शामिल

मांगों में मुख्य रूप से देउचा पचामी बीरभूम में ओपन कास्ट खदान परियोजना को रद्द करना होगा, वन अधिकार अधिनियम 2006 को सख्ती से लागू किया जाए, ग्राम सभा के माध्यम से एफआरसी समिति के गठन पर रोक लगाई जाए, संथाली माध्यम विद्यालयों में छात्रों को समय पर विषयवार पाठ्य पुस्तकें दी जाएं, प्रस्तावित वन संरक्षण नियम 2022 को निरस्त किया जाए, बी. एसटी/एसटी पहचान संशोधन वापस लिया जाए, तत्काल अलग साओतली शिक्षा बोर्ड का गठन किया जाए, सारी धर्म कोड बिल को पश्चिम बंगाल विधान सभा में तत्काल पारित किया जाना चाहिए, साओतली माध्यम विद्यालयों में स्थायी शिक्षकों की भर्ती में स्वयंसेवी शिक्षकों को तत्काल सहायक शिक्षक के रूप में भर्ती किया जाए, फर्जी एसटी सर्टिफिकेट को रोका जाए, जारी किए गए फर्जी सर्टिफिकेट तत्काल रद्द किए जाएं जैसी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी है.

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