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नागा जनजाति के बारें में पीएम मोदी ने मन की बात में क्या कहा

Posted on November 28, 2022 - 2:40 pm by

नागालैंड के आदिवासियों की कला, संस्कृति और संगीत हर किसी को आकर्षित करती है. यह हमारे देश की गौरवशाली विरासत का अहम हिस्सा है. नागालैंड के लोगों का जीवन और उनके स्किल्स सतत जीवन शैली के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है.

इन परंपराओं और स्किल्स को बचा कर अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए, वहां के लोगों ने एक संस्था बनाई है, जिसका नाम लिडी क्रो-यू है. नागा संस्कृति के जो खूबसूरत आयाम धीरे-धीरे खोने लगे थे, लिडी क्रो-यू संस्था ने उन्हें फिर से पुनर्जीवित करने का काम किया है. उक्त बातें 27 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सप्ताहिक रेडियो प्रोग्राम ‘मन की बात’ में कहीं. पीएम मोदी नागालैंड के आदिवासियों की सांस्कृतिक विरासत के बारें में बता रहे थे.

पीएम ने आगे बताया कि नागा वासियों के आलोकिक परंपराओं के संरक्षण और आने वाले पीढ़ियों को सौंपे जाने के लिए काम कर रही है. इसके लिए लिडी क्रो-यू नामक संस्था की सराहना की.

पीएम मोदी ने इस संस्था द्वारा किए गए प्रयास का उदाहरण भी दिया. उन्होंने कहा कि नागा लोक संगीत अपने आप में एक बहुत समृद्ध विधा है. इस संस्था ने नागा संगीत लौंच करने का काम शुरू किया है. अब तक ऐसे तीन एल्बम लॉन्च की जा चुकी है. ये लोग लोक संगीत, लोक नृत्य से जुड़ी वर्कशॉप भी आयोजित करते हैं. युवाओं को इन सब चीजों के लिए ट्रेनिंग भी दी जाती है.

इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने जानकारी दी कि यह संस्था नागालैंड की पारंपरिक शैली में कपड़े बनाने, सिलाई-बुनाई जैसे काम की भी ट्रेनिंग युवाओं को दी जाती है. उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर में बम्बू से कितने तरह के प्रोडक्ट बनाए जाते हैं. नई पीढ़ी के युवाओं को बम्बू प्रोडक्ट बनाना सिखाया जाता है. इससे युवाओं का अपनी संस्कृति से जुड़ाव तो होता ही है. साथ ही उनके लिए रोजगार के नए-नए अवसर भी पैदा होते हैं.

पीएम मोदी ने बताया कि नागा लोक संस्कृति के बारे में ज्यादा से ज्यादा लोग जाने, इसके लिए भी लिडी क्रो-यू के लोग प्रयास करती है. पीएम मोदी ने लोगों से कहा कि आपके क्षेत्र में भी ऐसी सांस्कृतिक विधाएं और परंपराएं होगी. आप भी अपने-अपने क्षेत्र में इस तरह के प्रयास कर सकते हैं.

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