Skip to main content

मेघालय में आदिवासियों के 100 ड्रम फेस्टिवल का क्या है महत्व?

Posted on November 11, 2022 - 4:42 pm by

नेहा बेदिया, ट्राईबल खबर के लिए

मेघालय में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले वांगलो त्योहार को लोग 100 ड्रम फेस्टिवल के नाम से भी जानते है. ऐसा इसलिए है क्योंकि इस त्योहार को मनाने के दौरान बड़ी संख्या ( करीब 100) में ड्रम का इस्तेमाल अन्य कई वाद्य यंत्रों के साथ किए जाते हैं. इन्हीं वाद्य यंत्रों की धुन और पारंपरिक संगीत से यह त्योहार काफी रिझावन प्रतीत होता है.

अच्छी फसल के लिए देवी देवताओं का धन्यवाद करते हैं

वांगलो त्योहार गारो समुदाय के लोगों के लिए विशेष महत्व रखता है. यह महत्व सूर्य (जिसे मस्सी सालजोंग कहते हैं) आदि देवी-देवताओं को अच्छी फसल होने के उपरांत धन्यवाद करने से संबंधित है. इस दौरान सूर्य देव को स्थानीय शराब चढ़ावे में दिए जाते हैं और ग्राम के प्रधान को प्रसाद के रूप में चावल सब्जियों के साथ ये शराब दिया जाता है.यह त्योहार ज्यादातर मेघालय और असम के कुछ हिस्सों में हर साल सर्दियों के शुरुआत से पहले मनाया जाता है. इसका तात्पर्य यह है कि फसलों की कटाई के बाद इसे आयोजित किया जाता है, जो खेती के मौसम के अंत का प्रतीक है.

केकड़ा से प्रभावित है नृत्य

इस त्योहार में आकर्षण का कारण यहां के पारंपरिक रंग-बिरंगे पोशाक, गीत-संगीत और नृत्य होता है. माना जाता है कि यहां किया जाने वाला नृत्य सबसे पहले पानी में रहने वाले जीव से प्रभावित है. जिस प्रकार केकड़ा एक तरफ होकर चलता है, उसी तरह समानांतर तरीके से यह नृत्य किया जाता है. लोगों का मानना है कि यह नृत्य केकड़ों से ही सीख कर किया गया है. इसमें महिलाओं और पुरुषों के समुह के अलग-अलग लाइन होते हैं.

इस बार साल 10 नवंबर से वांगलो त्योहार मनाया जा रहा है. यह वांगाला त्योहार का 46वां संस्करण है. हंड्रेड ड्रम वांगला फेस्टिवल कमिटी  के द्वारा आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव है.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.