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उत्तराखंड: जोशीमठ के आदिवासियों ने पीएम को कौन-सा अनूठा उपहार दिया?

Posted on October 22, 2022 - 1:35 pm by

जोशीमठ के आदिवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक अनोखा ‘भोज पत्र’ भेंट में दिया. यह भोज पत्र अपने आप में विषेश महत्व रखता है. इसको जोशीमठ के बोर्डर क्षेत्र माणा वन पंचायत की सरपंच बीना बडवाल के द्वारा पीएम मोदी को भेंट में दिया गया. पीएम मोदी 21 अक्टूबर को उत्तराखंड के दौरे पर थे.


क्या है भोज पत्र
बता दें कि भोज पत्र एक पर्णपाती पेड़ है. जो हिमालय के उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों (2500मी-3500मी) में पाए जाते हैं. इसकी छाल सफेद होती है. भोज पत्र पेड़ का पौराणिक महत्व है क्योंकि महाभारत जैसे आदि ग्रंथों को इस पेड़ के छालों में लिखा गया था.


पीएम मोदी ने उत्तराखंड यात्रा के दौरान सबसे पहले केदारनाथ और बदरीनाथ दोनों मंदिरों में पूजा-अर्चना की. उसके बाद उन्होंने चमोली जिले के माणा गांव में विभिन्न कनेक्टिविटी परियोजनाओं का उदघाटन किया. पीएम मोदी ने मेगा सार्वजनिक संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, “आज मैं बाबा केदार और बद्री विशाल जी की पूजा करने के बाद बेहद आनंदित और धन्य महसूस कर रहा हूँ. माणा गांव भारत के आखिरी गांव के रूप में जाना जाता है. लेकिन मेरे लिए सीमा पर बसा हर गांव देश का पहला गांव ही है. सीमा पर रहने वाले सभी भारत के रक्षक हैं.


पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने यहां पर कार्य कर रहे श्रमिकों और इंजीनियरों से बात की. साथ ही उनकी सुरक्षा की भी कामना की. इसपर अधिकारियों ने बताया कि जोशीमठ के नीति-माणा घाटी के बोर्डर क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी समुदायों ने तीर्थ स्थलों को फिर से जीवंत करने को लेकर काम करने के लिए मोदी का आभार व्यक्त किया. भारतीय संस्कृति की रक्षा और बढ़ावा देने के उनके संकल्प की सराहना की.

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