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तामिलनाडु क्यों गई 822 आदिवासी लड़कियां?

Posted on September 29, 2022 - 6:24 am by

केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने मंगलवार 27 सितंबर को हटिया रेलवे स्टेशन से हुसूर (तमिलनाडु) के लिए एक विशेष ट्रेन रवाना किया था। एस विशेष ट्रेन से टाटा समूह की कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड द्वारा झारखंड के चार जिलों खूंटी, सरायकेला, चाईबासा और सिमडेगा में आयोजित भर्ती अभियान में कुल 1898 चयनित उम्मीदवारों में से 822 लड़कियों के पहले बैच को ले जाया गया। 1898 लड़कियों में सभी की उम्र 18 से 20 वर्ष है।

टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में इन लड़कियों को 12 दिन की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी, इसके बाद इन्हें ऑफर लेटर दिया जाएगा। उन्हें आठ चार से घंटे के शिफ्ट में काम करने होंगे, जिसमें मोबाईल के पुर्ज़े असेम्बल करने होंगे। आवास, भोजन और यात्रा के अलावा 15000 की सैलरी दी जाएगी।

इसके अलावा अगर आगे की पढ़ाई करना चाहते है, तो इच्छुक लोग तमिलनाडु के एक विश्वविद्यालय में ‘ मैन्युफैक्चरिंग सांईस ‘ में बीएससी के लिए नामांकन कर सकते हैं। यह टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स की देश भर से कम से कम 3,000 महिलाओं को भर्ती करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है।

अर्जुन मुंडा ने ट्रेन यात्रा के अनुभव के बारें में पुछा

स्पेशल ट्रेन से तमिलनाडु जा रही टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में चयनित झारखंड के चार जिलों खूंटी, सरायकेला, चाईबासा एवं सिमडेगा की युवतियों से केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने वीडियों कॉल से बात कर उनका हाल-चाल जाना और लड़कियों से उनके ट्रेन यात्रा के अनुभव के बारें में भी बात की।

झारखंड से तमिलनाडु की दूरी करीब 1800 किलोमिटर है, यह अनुभव सभी के लिए नया है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि भर्ती अभियान के झारखंड चरण को शानदार प्रतिक्रिया मिली, जिसमें 2,600 से अधिक लड़कियों और युवतियों ने चयन प्रक्रिया के लिए पंजीकरण कराया, जिसमें चार जिलों में 18 और 19 सितंबर को आयोजित कौशल परीक्षा शामिल थी।

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