Skip to main content

बांग्लादेश के आदिवासी भारत से क्यों मांग रहे हैं पनाह?

Posted on November 29, 2022 - 2:45 pm by

बांग्लादेश के 148 बच्चों सहित कम से कम 293 लोगों ने 20 नवंबर से  भारत के दक्षिण मिजोरम के लॉन्गतलाई जिला में शरण ली है.

शरणार्थियों के जिला नोडल अधिकारी टीटी बेखाइजी के अनुसार जातीय विद्रोही समूह, बांग्लादेश सेना और कुकी-चिन नेशनल आर्मी (केएनए) के बीच हालिया झड़पों के कारण जातीय कुकी-चिन या मिजो शरणार्थी चटगांव हिल ट्रैक्ट्स (सीएचटी) से भाग गए. परवा-3 गांव में शरण लेने वाले बांग्लादेशी नागरिकों में 161 महिलाएं और लड़कियां हैं.

बता दें कि मिजोरम बांग्लादेश के साथ 318 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है.

क्या है परवा-3

परवा एक शरणार्थी स्थल है, जिसमें शरणार्थियों को परवा-3 में अस्थायी आश्रय प्रदान किया जाता है और उन्हें स्कूलों, एक स्वास्थ्य उप-केंद्र और एक आंगनवाड़ी केंद्र में रखा जाता है. वहां पर शरणार्थियों को मानवीय आधार पर सहायता प्रदान की जाती है.

ईस्ट मोजो के रिपोर्ट के अनुसार अनुमंडल अधिकारी (सदर) बेखैजी ने कहा कि जिला प्रशासन शरणार्थियों पर करीबी नजर रख रहा है. जिला प्रशासन के अलावा लॉन्गतलाई स्थित सेंट्रल यंग लाई एसोसिएशन (सीवाईएलए) सहित व्यक्तियों, चर्चों और गैर सरकारी संगठनों ने उन्हें भोजन और अन्य राहतें दी गई है.

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस बीच लॉन्गतलाई के उपायुक्त अमोल श्रीवास्तव ने स्थिति की समीक्षा करने और बांग्लादेशी नागरिकों को मानवीय सहायता के प्रावधान पर चर्चा करने के लिए 28 नवंबर को अधिकारियों,  गैर सरकारी संगठनों और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ एक बैठक बुलाई थी.

राज्य के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि श्रीवास्तव ने बैठक में बताया कि बांग्लादेश से लोगों के आने की खबर मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है.

उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी नागरिकों को आश्रय और राहत देने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. उपायुक्त ने बैठक में यह भी कहा कि मिजोरम में आश्रय मांगने वाले बांग्लादेशी नागरिकों की सहायता सामुदायिक आधार पर नहीं बल्कि मानवीय आधार पर की जानी चाहिए क्योंकि वे मनुष्य हैं. उन्होंने चर्चों, गैर सरकारी संगठनों और व्यक्तिगत दानदाताओं को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने शरणार्थियों को सहायता प्रदान की.

आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बैठक में पड़ोसी देश से संभावित ताजा बाढ़ के मद्देनजर कार्य योजनाओं पर भी चर्चा हुई.

No Comments yet!

Your Email address will not be published.