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विश्व पुस्तक मेला:  पाठकों को भा रही है आदिवासी सहित्य की पुस्तकें

Posted on March 1, 2023 - 5:24 pm by

नई दिल्ली के प्रगति मैदान में विश्व पुस्तक मेला इस साल एक बार फिर से बड़े और भव्य पैमाने पर आयोजित किया गया है. 25 फरवरी से शुरू हुआ यह 9 दिवसीय विश्व पुस्तक मेला 5 मार्च तक चलेगा. पढ़ने-लिखने के शौकीनों और जिज्ञासुओं के लिए यह विश्व पुस्तक मेला किसी त्योहार से कम नहीं है. वर्षों से आयोजित हो रहे मेले का यह 31वां संस्करण है, जिसे नेशनल बुक ट्रस्ट ने आयोजित किया है. इस मेले में आदिवासी साहित्य की पुस्तकें पाठकों को भा रही है. यह पहली बार है जब किसी आदिवासियों से संबंधित बुक स्टॉल लगाया गया है.

पहली बार लगा आदिवासी पुस्तकों का स्टॉल

विश्व पुस्तक मेला में पहली बार है, जब आदिवासियों से संबंधित बुक स्टॉल लगाया गया है. बुक स्टॉल का नाम “आदिवासी इंडीजिनस बुक अखड़ा” के नाम से लगाई गई है. जो कि हाल संख्या दो के 107 नं. स्टॉल पर लगाई गई है. इस आदिवासी बुक स्टॉल पर देश के विभिन्न आदिवासी प्रकाशकों की किताबें हैं. हिंदी, अंग्रेजी सहित आदिवासी मातृभाषाओं में किताबें उपलब्ध है.

आदिवासी साहित्यकार और कवयित्री वंदना टेटे बताती हैं कि आदिवासी इंडीजिनस बुक स्टॉल में मिली जुली मांग है, लेकिन आदिवासी साहित्य से संबंधित पुस्तकें पाठकों को भा रही है. इसके अलावा आदिवासी पाठकों के बीच आदिवासी भाषाओं से संबंधित शब्दकोश की मांग अधिक है.  

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