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वर्ल्ड न्यूज: नेपाल पुलिस और सरकार, तमांग आदिवासियों पर कर रही हमला ?

Posted on January 18, 2023 - 5:48 pm by

नेपाल पुलिस और सरकार पर तमांग आदिवासियों पर हमला करने का आरोप लगा है. इसको लेकर  International Indigenous Peoples’ movement For Self-determination and liberations संगठन ने नेपाल पुलिस और राज्य सरकार द्वारा तमांग आदिवासी लोगों के खिलाफ हमलों को तुरंत समाप्त करने की मांग की है. इसके अलावा तमाकोशी-काठमांडू 220/400 केवी ट्रांसमिशन लाइन परियोजना के निर्माण को रोकने के लिए भी आहवान किया है.

बिना सहमति के जबरन थोपा जा रहा है परियोजना

दरअसल, नेपाल में तमांग समुदाय एक बिजली पारेषण लाइन (Power Transmission Line) और पावर स्टेशन का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं. तमांग समुदायों का आरोप है कि यह परियोजना उनके क्षेत्र में उनकी स्वतंत्र, पूर्व और सूचित सहमति (FPIC) के बिना उनकी जमीन पर जबरन लगाया जा रहा है. विरोध की शुरूआत तीन साल पहले शुरू हुआ था. अब पिछले दो हफ्तों में सशस्त्र पुलिस और सेना के क्षेत्र में प्रवेश करने के साथ खतरनाक रूप से तेज हो गया है. अब तक नौ आदिवासियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और कई घायल हुए हैं. नेपाल में बोझेनी गांव के लगभग 500 परिवार एक सबस्टेशन और इसकी ट्रांसमिशन लाइन से प्रभावित हो रहे हैं. जो यूएस मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (एमसीसी), यूएस गवर्नमेंट की विदेशी सहायता एजेंसी द्वारा वित्त पोषित ट्रांसमिशन लाइनों के एक वेब का हिस्सा है.

इस वर्ष के पहले दिन  नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) ने एशियाई विकास बैंक (ADB) द्वारा वित्तपोषित एक सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन स्थापित करने के लिए बलपूर्वक भूमि का सर्वेक्षण शुरू किया. इस कदम का तमांग आदिवासियों ने विरोध किया था. विरोध के दौरान महिलाओं और नाबालिगों सहित कम से कम सात प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है.

बोझेनी गांव की वर्तमान स्थिति इस बात की स्पष्ट तस्वीर पेश करती है कि कैसे भूमि, अधिकारों, परंपराओं और आजीविका की रक्षा में स्वदेशी लोगों के प्रतिरोध का सामना करने पर राज्य सशस्त्र बल दमन के उपकरण बन जाते हैं. नेपाल विदेशी निवेश और तथाकथित “विकास परियोजनाओं” के नाम पर तमांग और अन्य आदिवासियों के अधिकारों को खत्म कर दिया है.

IIPMSDL ने  विरोध में घायल लोगों के लिए न्याय और पुलिस और राज्य सरकार से जवाबदेही और आदिवासियों के अधिकारों को बनाए रखने की मांग की हैं. इसके साथ काठमांडू के शंकरपुर-3 में तामाकोशी-काठमांडू 220/400 केवी ट्रांसमिशन लाइन परियोजना का निर्माण रोकने की मांग की है.

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