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आदि रानी बनी झारखंड की पूजा लकड़ा,  विश्व स्तर पर करेंगी भारत का नेतृत्व

Posted on October 19, 2022 - 1:10 pm by

नेहा बेदिया

झारखंड की पूजा लकड़ा ग्लोबल ट्राइबल क्वीन – 2022 की खिताब जीत चुकी हैं. इसके साथ पूजा इंटरनेशनल राउंड के लिए सिलेक्ट हो गई हैं. वह अब दिल्ली में 152 देशों के आदिवासी लड़कियों के बीच भारत का नेतृत्व विश्व स्तर पर करेंगी.

छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में 15, 16 अक्टूबर 2022 को प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था. इसमें देश भर से आदिवासी समाज की युवतियों ने हिस्सा लिया था. कार्यक्रम का आयोजन पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में किया गया. जहां सभी कलाकारों ने अपने आदिवासी सभ्यता, संस्कृति, कला, जीवन शैली, वेशभूषा आदि के महत्व और खूबसूरती की झलक को मंच पर दर्शाया. कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए राज्यपाल अनुसुइया उइके ने देशभर से आए कालाकारों को सम्मानित किया. कार्यक्रम में सांसद सुनील सोनी, सूचना आयोग आयुक्त एमके राउत, विधायक सत्यनारायण शर्मा व अन्य मौजूद थे.

प्रतियोगिता को कई चरणों में किया गया. प्रतियोगिता के सभी पड़ावों को पार करते हुए झारखंड की पूजा लकड़ा ने 51 हजार का कैश प्राइज के साथ विजेता बनीं. इसके साथ ओडिशा की सस्मिता नाग पहली रनरअप,  राजस्थान की रूपा सपेरा दूसरी रनरअप और झारखंड की सावित्री टुडू तीसरी रनरअप रहीं.

पूजा लकड़ा इस प्रतियोगिता को जीतने के बाद मंगलवार 18 अक्टूबर को रांची हटिया स्टेशन पहूंची. जहां भारत और राष्ट्रीय छात्रसंघ,  केंद्रीय सरना समिति,  राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा आदि की अगुवाई में पूजा का भव्य स्वागत किया गया. फूल-माला पहनाकर उनका आदर-सत्कार किया गया. हटिया स्टेशन से जुलूस भी निकाली गई. जिसके बाद बिरसा मुंडा चौक पर पहुंचकर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया.

मीडिया से रूबरू होती पूजा लकड़ा

इसके बाद पूजा लकड़ा अपने निजी क्षेत्र बेड़ो पहुंची. जहां ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके स्वागत किया. ढोल-नगाड़ों सहित आदिवासी वेशभूषा धारण किए केसीबी कॉलेज के मुख्य द्वार के समक्ष नाच-गान किया गया.

बता दें कि पूजा लकड़ा शुरू से स्पोर्ट्स व फैशन में रुचि रखतीं हैं. उनके माता-पिता हॉकी प्लेयर्स रह चुके हैं. फिलहाल उनके पिता अशोक लकड़ा केडीएच परियोजना खलारी में कार्यरत हैं और मां नीलमणि टोप्पो रांची रेलवे में कार्यरत हैं. उनके माता-पिता ने पूजा को हमेशा बढ़ावा दिया है. पूजा बताती है कि उनके पिता ने हमेशा हर क्षेत्र में सहयोग किया है. पूजा चाहती है कि वह अपने लोगों व संस्कृति से जुड़ी रहे. उन्हें अपनी संस्कृति से बेहद लगाव है. यही कारण है कि आज वह राष्ट्रीय स्तर पर ट्राइबल क्वीन का खिताब जीत चुकी हैं. इसके साथ पूजा राजनीति में भी दिलचस्पी रखतीं हैं और उनका सपना राजनीति में उतरना है.

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